सूर्यवंशी की बेखौफ बल्लेबाजी जादुई, लेकिन उसकी नकल हर युवा खिलाड़ी के लिए सही नहीं: मैथ्यू हेडन
सूर्यवंशी की बेखौफ बल्लेबाजी जादुई, लेकिन उसकी नकल हर युवा खिलाड़ी के लिए सही नहीं: मैथ्यू हेडन
… कुशान सरकार …
नयी दिल्ली, चार जुलाई (भाषा) ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज मैथ्यू हेडन का मानना है कि 15 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की बेखौफ और आक्रामक बल्लेबाजी देखने में जितनी रोमांचक और जादुई लगती है, उतनी ही चुनौतीपूर्ण भी है। उन्होंने युवा खिलाड़ियों को आगाह किया कि सूर्यवंशी की शैली की नकल करने से पहले यह जरूर सोचना चाहिए कि क्या इस तरह का खेल लंबे समय तक लगातार सफल रह सकता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने बहुप्रतीक्षित पदार्पण को लेकर चर्चा के केंद्र में बने सूर्यवंशी ने कम उम्र में ही आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। टी20 क्रिकेट में उनका हर गेंद पर हमला करने का अंदाज नई शैली का प्रतीक बनकर उभरा है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में हाल में गुजरात टाइटंस के डगआउट से सूर्यवंशी का खेल देखने वाले हेडन से जब पूछा गया कि क्या शुभमन गिल की पारंपरिक और तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाजी तथा सूर्यवंशी की विस्फोटक शैली टी20 क्रिकेट में साथ-साथ सफल हो सकती हैं, तो उन्होंने सकारात्मक जवाब दिया। हेडन ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘हम दो बिल्कुल अलग व्यक्तित्वों की बात कर रहे हैं। क्या शुभमन गिल और वैभव सूर्यवंशी, दोनों की बल्लेबाजी शैली साथ-साथ सफल हो सकती है? बिल्कुल। ऐसा अभी भी हो रहा है। लेकिन किसी भी युवा खिलाड़ी के सामने असली सवाल यह है कि क्या वैभव जैसी शैली को लंबे समय तक कायम रखा जा सकता है।’’ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 40 शतकों के साथ 15,000 से अधिक रन बनाने वाले हेडन के अनुसार, शुभमन गिल पहले ही यह साबित कर चुके हैं कि तकनीक और निरंतरता के बल पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘शुभमन गिल ने दिखाया है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में निरंतर प्रदर्शन संभव है और मेरे लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ही सर्वोच्च मानक है।’’ हेडन ने फुटबॉल का उदाहरण देते हुए कहा, ‘‘जिस तरह लियोनेल मेस्सी क्लब और देश, दोनों के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में सफल रहे हैं, उसी तरह क्रिकेट में भी अलग-अलग बल्लेबाजी शैलियों के लिए पर्याप्त जगह है।’’ ऑस्ट्रेलिया के इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने कहा, ‘‘ मैं हमेशा खिलाड़ियों को उनका अपना ‘अंदर के योद्धा’ खोजने में मदद करने पर विश्वास करता हूं। वैभव सूर्यवंशी और शुभमन गिल पूरी तरह अलग व्यक्तित्व हैं। उनकी पृष्ठभूमि, उनका सफर और उनकी सोच अलग है। यही क्रिकेट की खूबसूरती है। यह कौशल आधारित खेल है, जहां हर खिलाड़ी अपनी अलग तकनीक और अनुभव के साथ आगे बढ़ता है।’’ हेडन ने अपने करियर का उदाहरण देते हुए कहा कि वह महान बल्लेबाज ब्रायन लारा के प्रशंसक थे, लेकिन उन्होंने कभी उनकी नकल करने की कोशिश नहीं की। उन्होंने कहा, ‘‘मैं ब्रायन लारा की बल्लेबाजी से बेहद प्रभावित था, लेकिन मैं ब्रायन लारा नहीं था और न ही वेस्टइंडीज से था। मेरा बचपन क्वींसलैंड के क्षेत्रीय इलाके में बीता, जहां खेल जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा था। मैंने अपनी सहज प्रवृत्ति के अनुसार अपनी बल्लेबाजी विकसित की और उसी ने मुझे दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल होने का अवसर दिया।’’ उन्होंने जोर देकर कहा कि खेल में हर महान खिलाड़ी अपनी अलग पहचान के कारण महान बनता है। हेडन ने कहा, ‘‘खेल की दुनिया अनोखे व्यक्तित्वों से भरी हुई है। दूसरा जोना लोमू (रग्बी खिलाड़ी), दूसरा लियोनेल मेस्सी या दूसरा केली स्लेटर (सर्फर) कभी नहीं होगा। एक कोच के रूप में हमारी जिम्मेदारी ऐसे खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचानना, उनकी मौलिकता को निखारना और यह सुनिश्चित करना है कि उनका विकास लंबे समय तक टिकाऊ बना रहे।’’ भाषा आनन्द नमितानमिता

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