सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी से भारत ए ने श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल में ठोके नौ विकेट पर 377 रन

सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी से भारत ए ने श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल में ठोके नौ विकेट पर 377 रन

सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी से भारत ए ने श्रीलंका ए के खिलाफ फाइनल में ठोके नौ विकेट पर 377 रन
Modified Date: June 21, 2026 / 02:36 pm IST
Published Date: June 21, 2026 2:36 pm IST

दाम्बुला, 21 जून (भाषा) किशोर सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने लीग चरण की नाकामी को पीछे छोड़ते हुए 29 गेंदों में 94 रन की विस्फोटक पारी के दौरान लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक भी जड़ा, जिससे भारत ए ने रविवार को त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में श्रीलंका ए के खिलाफ नौ विकेट पर 377 रन का विशाल स्कोर बनाया।

पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी भारत ए की टीम सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी के दम पर 400 रन के आंकड़े की ओर बढ़ती दिख रही थी, लेकिन मध्य ओवरों में श्रीलंका ए ने शानदार वापसी की।

कप्तान तिलक वर्मा ने 90 गेंदों पर 67 रन की संयमित पारी खेलकर टीम को संभाला। वहीं, अनुकूल रॉय ने 15 गेंदों में 39 रन और विप्रज निगम ने 20 गेंदों में 27 रन बनाकर अंतिम ओवरों में तेजी से रन जुटाए, जिससे भारत ए का स्कोर 375रन के पार पहुंच गया।

रविवार का दिन हालांकि पूरी तरह सूर्यवंशी के नाम रहा। बिहार के समस्तीपुर के 15 वर्षीय खब्बू बल्लेबाज ने महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट ए क्रिकेट का नया रिकॉर्ड बना दिया। उन्होंने श्रीलंका के कौशल्य वीररत्ने का 21 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा। वीररत्ने ने 2005 में 12 गेंदों में अर्धशतक लगाया था।

इस श्रृंखला में अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाने वाले सूर्यवंशी शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर शुरू से दबाव बनाया और मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए।

उन्होंने पांच छक्कों और पांच चौकों की मदद से 11 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। तेज गेंदबाज दुलाज समुदिथा की लगातार दो गेंदों पर सीधे छक्के लगाकर उन्होंने रिकॉर्ड अपने नाम किया।

इस सलामी बल्लेबाज ने ताकत और शानदार टाइमिंग का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। शुरुआत में उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ लेग साइड में रन बटोरे और बाद में ऑफ साइड में भी आकर्षक शॉट खेले। इस दौरान अच्छी गेंदों को भी सीमा रेखा के पार पहुंचाने की उनकी क्षमता एक बार फिर देखने को मिली।

उनकी पारी का सबसे आकर्षक हिस्सा एक्स्ट्रा कवर के ऊपर लगाए गए छक्के रहे। इस क्षेत्र में लगाए गए तीन दर्शनीय छक्कों ने उनकी बल्लेबाजी कौशल, संतुलन और बेखौफ अंदाज को बखूबी दर्शाया।

प्रियांश आर्य (39) के साथ सूर्यवंशी ने पहले विकेट के लिए 132 रन की साझेदारी की। वह लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज शतक लगाने की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन स्पिनर सहान अरच्चिगे ने उन्हें मिडऑफ पर कैच कराकर उनकी आतिशी पारी का अंत कर दिया। अगले ही ओवर में आर्य भी आउट हो गए और श्रीलंका ए ने मुकाबले में वापसी की।

इसके बाद अनुभवी ऋतुराज गायकवाड़ (40) और तिलक वर्मा ने तीसरे विकेट के लिए 63 रन जोड़े, लेकिन रन गति कुछ धीमी पड़ गई। अंतिम ओवरों में तेजी से रन बनाने के प्रयास में भारत ए के विकेट लगातार गिरते रहे लेकिन विपराज निगम और अनुकूल ने उपयोगी पारियां खेलकर टीम को 377 रन तक पहुंचा दिया।

अनुकूल ने अपनी पारी के चार में से तीन छक्के आखिरी ओवर में कुगाथस मथुलन के खिलाफ जड़े।

भाषा आनन्द पंत

पंत


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