अदालत ने एमसीए से पूछा, क्या खिलाड़ियों को पता था कि वे ‘मांसाहारी चाय’ पी रहे थे

अदालत ने एमसीए से पूछा, क्या खिलाड़ियों को पता था कि वे ‘मांसाहारी चाय’ पी रहे थे

अदालत ने एमसीए से पूछा, क्या खिलाड़ियों को पता था कि वे ‘मांसाहारी चाय’ पी रहे थे
Modified Date: August 25, 2026 / 02:07 pm IST
Published Date: August 25, 2026 2:07 pm IST

मुंबई, 25 अगस्त (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) की कैंटीन में कीड़े मकोड़े पाए जाने के बाद मंगलवार को कटाक्ष करते हुए पूछा कि क्या खिलाड़ियों को पता था कि वे ‘मांसाहारी चाय’ का सेवन कर रहे हैं।

अदालत ने इसके अलावा एमसीए को यह भी निर्देश दिया गया कि वह बृहस्पतिवार को महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किए जाने से पहले अपने भोजनालयों के परिसर को साफ करे।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रविंद्र घुगे और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ एमसीए की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एफडीए के उस फैसले को चुनौती दी गई थी जिसमें खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के गंभीर उल्लंघनों के कारण इस क्रिकेट संस्था के बांद्रा कुर्ला परिसर में संचालित पांच रेस्तरां के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए थे।

एमसीए के वकील विक्रम नानकानी ने कहा कि एफडीए को पहले नोटिस जारी करना चाहिए था ताकि भोजनालयों को कमियों को दूर किया जा सके। हालांकि पीठ ने कहा कि जब एफडीए अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान ‘गंभीर उल्लंघन’ पाए तो यह जरूरी नहीं था।

अदालत ने कहा, ‘‘एफडीए की रिपोर्ट के अनुसार भोजनालय की रसोई में तिलचट्टे और मक्खियां भरी हुई थीं तथा फर्श फिसलन भरा और गंदा था। यदि स्वच्छता मानकों का घोर उल्लंघन हुआ है, तो एफडीए तत्काल लाइसेंस निलंबित करने का निर्णय ले सकता है।’’

इसके बाद नानकानी ने कहा कि सभी रेस्तरां और भोजनालय बंद होने के कारण एमसीए क्रिकेटरों को चाय भी नहीं परोस पा रहा है। इस पर अदालत ने पूछा कि क्या क्रिकेटरों को पता था कि वे ‘मांसाहारी चाय’ का सेवन कर रहे हैं।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश घुगे ने कहा, ‘‘रेस्तरां की रसोई में मक्खियां और तिलचट्टे हैं। यह मांसाहारी चाय है। क्या उन्हें (क्रिकेटरों को) पता है कि वे यह चाय पी रहे हैं।’’

भाषा

पंत

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