जापान रवाना होने से पहले सही कट का इंतजार कर रही है भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम

जापान रवाना होने से पहले सही कट का इंतजार कर रही है भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम

जापान रवाना होने से पहले सही कट का इंतजार कर रही है भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम
Modified Date: September 19, 2026 / 12:10 pm IST
Published Date: September 19, 2026 12:10 pm IST

(भरत शर्मा)

नयी दिल्ली, 19 सितंबर (भाषा) भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सदस्य एशियाई खेलों के लिए अब भी सही साइज की किट का इंतजार कर रहे हैं जबकि उन्हें रविवार तड़के जापान रवाना होना है।

पीटीआई को पता चला है कि खिलाड़ियों की जर्सी को लेकर भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) के किट उपलब्ध कराने वाले जेएसडब्ल्यू इंस्पायर के बीच बातचीत हुई है। श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली टीम रविवार तड़के राष्ट्रीय राजधानी से रवाना होने वाली है।

भारतीय खिलाड़ी 22 सितंबर को जापान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में अपनी मानक पोशाक पहनेंगे। इसके बाद वे 28 सितंबर से शुरू होने वाली क्रिकेट प्रतियोगिता के लिए एशियाई खेलों की आधिकारिक पोशाक पहनेंगे।

आईओए के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, ‘‘क्रिकेटरों की पोशाक के साइज में कुछ समस्या थी, जिसे काफी हद तक ठीक कर लिया गया है। कुछ किटें बची हैं और उन्हें जल्द ही टीम को भेज दिया जाएगा। खिलाड़ियों को दो अलग-अलग पोशाक की जरूरत है (एक द्विपक्षीय मैचों के लिए और दूसरी एशियाई खेलों के लिए), इसलिए ऐसा हुआ होगा।’’

इस बीच नागोया में अन्य भारतीय खिलाड़ियों को आवास मिलने में हो रही देरी को देखते हुए बीसीसीआई ने स्वयं होटल की व्यवस्था करने का फैसला किया है।

भारतीय महिला टीम हालांकि आईओए द्वारा उपलब्ध कराए गए आवास में रह रही है।

एक सूत्र ने बताया, ‘‘महिला टीम के ठहरने की व्यवस्था में किसी तरह की समस्या नहीं आई। आयोजकों ने पुरुष टीम के लिए जो कमरे उपलब्ध कराए उनमें किट बैग रखने की भी जगह नहीं थी। वहां ज्यादा बड़े होटल नहीं हैं, लेकिन बीसीसीआई ने जापान रवाना होने से कुछ समय पहले ही अपने स्तर पर व्यवस्था कर ली थी।’’

एशियाई खेलों में भाग लेने वाले कुछ खिलाड़ियों को अपने आवास में पहुंचने से पहले घंटों इंतजार करना पड़ा। इस बार एशियाई खेलों ने किसी तरह के खेल गांव की व्यवस्था नहीं है और खिलाड़ियों को क्रूज जहाजों, कंटेनरों और होटलों में ठहराया जा रहा है।

भाषा

पंत

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