मीडिया और पूर्व खिलाड़ियों ने ट्यूशेल की आलोचना की
मीडिया और पूर्व खिलाड़ियों ने ट्यूशेल की आलोचना की
अटलांटा, 17 जुलाई (एपी) इंग्लैंड ने विश्व कप खिताब का 60 साल से चला आ रहा सूखा खत्म करने के लिए जर्मन कोच को नियुक्त किया, लेकिन वह भी इस टीम का भाग्य नहीं बदल सके और फिर से वही पुरानी कहानी दोहराई गई।
इंग्लैंड को फिर से सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा और यह पराजय भी उसे जीत की स्थिति में होने के बावजूद मिली। बुधवार को अर्जेंटीना से 2-1 से मिली हार के बाद ब्रिटिश मीडिया ने कोच थॉमस ट्यूशेल की आलोचना की।
एक शीर्षक में लिखा था, ‘‘वही पुरानी कहानी।’’ दूसरे में कहा गया, ‘‘ट्यूशेल का कद छोटा हो गया है।’’
इंग्लैंड ने अपना एकमात्र विश्व कप 1966 में जीता था और तब से उसका इंतजार बरकरार है।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान गैरी लाइनकर ने ट्यूशेल के भविष्य पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘‘टीम को इस मुकाम से आगे बढ़ाने के लिए ही उन्हें यह पद सौंपा गया था। लेकिन क्या वह हमें आगे ले जाने के लिए सही व्यक्ति थे। उन्होंने अहम मौके पर बहुत बड़ी गलती कर दी। उनकी रणनीति और खिलाड़ियों को बदलने का तरीका समझ से परे था।’’
ट्यूशेल ने गैरेथ साउथगेट की जगह ली थी जिनके रहते हुए इंग्लैंड ने लगातार दो यूरोपीय चैम्पियनशिप फाइनल में जगह बनाई, लेकिन खिताब नहीं जीत पाया।
माना जाता है कि उनके सतर्क रवैये के कारण इंग्लैंड को महत्वपूर्ण मैचों में हार का सामना करना पड़ा। विश्व कप 2018 के सेमीफाइनल में क्रोएशिया और इसके तीन साल बाद यूरो कप के फाइनल में इटली के खिलाफ उनकी रणनीति की आलोचना हुई थी।
ऐसे में ट्यूशेल से उम्मीद की जा रही थी कि वह महत्वपूर्ण अवसरों पर टीम से अच्छा प्रदर्शन कराने में सफल रहेंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान वायने रूनी ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि थॉमस ट्यूशेल ने जो फैसले लिए उनकी वजह से हमें हार का सामना करना पड़ा।’’
एपी
पंत
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