अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से रौंदकर विश्व कप में अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की

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अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से रौंदकर विश्व कप में अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की

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  • Publish Date - June 13, 2026 / 09:04 AM IST,
    Updated On - June 13, 2026 / 09:04 AM IST

इंगलवुड (कैलिफोर्निया), 13 जून (एपी) फोलारिन बालोगुन ने पहले हाफ में दो गोल किए जिससे अमेरिका ने अपनी घरेलू धरती पर 32 वर्षों में पहली बार खेले जा रहे फुटबाल विश्व कप में पराग्वे पर 4-1 की धमाकेदार जीत के साथ अपने अभियान की शानदार शुरुआत की।

अमेरिका की विश्व कप में यह सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले उसने इस टूर्नामेंट में कभी तीन से अधिक गोल नहीं किए थे। यही नहीं अमेरिकी टीम ने पहले हाफ में तीन गोल दागे जो विश्व कप में उसका रिकॉर्ड है।

क्रिश्चियन पुलिसिच ने पहले हाफ में शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए एक गोल करने में मदद की। अमेरिका ने शुरू से ही आक्रामक रवैया अपनाया लेकिन उसने खाता आत्मघाती गोल से खोला था। बालोगुन ने 31वें और पहले हाफ के इंजरी टाइम में गोल करके अमेरिका को मध्यांतर तक 3-0 से आगे रखा था।

दूसरे हाफ के इंजरी टाइम के आखिरी क्षणों में जियो रेना ने एक और गोल दागा। इस तरह से अमेरिकी टीम ने विश्व कप के किसी मैच में पहली बार चार गोल किए।

अमेरिका ने चार साल पहले कतर में खेले गए विश्व कप में अपने चार मैचों में कुल मिलाकर केवल तीन गोल किए थे। नए कोच मॉरीशियो पोचेटीनो के मार्गदर्शन में अलग शैली में खेल रही अमेरिका की टीम ने अपने खेल से स्टेडियम में मौजूद 70,492 दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

पराग्वे की तरफ से एकमात्र गोल मॉरीसियो ने 73वें मिनट में किया, लेकिन 16 साल में अपना पहला विश्व कप खेल रही दक्षिण अमेरिका की यह टीम शुरू में पिछड़ने के बाद किसी भी समय वापसी नहीं कर पाई।

पुलिसिच के शानदार खेल की बदौलत हुए डेमियन बोबाडिला ने सातवें मिनट में आत्मघाती गोल कर दिया। इसके बाद बालोगुन ने 31वें मिनट में और फिर पहले हाफ के इंजरी टाइम के पांचवें मिनट में गोल दागा।

न्यूयॉर्क में जन्मे और लंदन में पले-बढ़े स्ट्राइकर बालोगुन ने विश्व कप में पदार्पण करते हुए 1930 के बाद टूर्नामेंट में किसी अमेरिकी खिलाड़ी द्वारा एक से अधिक गोल करने का कारनामा किया।

बालोगुन ने इंग्लैंड की तरफ से खेलने की बजाय तीन साल पहले अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने का विकल्प चुना था। अगर वह इंग्लैंड की तरफ से खेलना चाहते तो हो सकता था कि उन्हें टीम में जगह नहीं मिलती। लेकिन अब वह अमेरिका के फुटबॉल नायक बन गए हैं।

एपी

पंत

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