(Electricity Bill/ Image Credit: Pexels)
Electricity Bill: आजकल मोबाइल चार्ज करने के बाद चार्जर को सॉकेट में लगा छोड़ देना बहुत लोगों की आदत बन गई है। कई लोग तो इसे हर समय प्लग में लगाए रखते हैं। ऐसे में अब यह सवाल उठता है कि क्या फोन कनेक्ट न होने पर भी चार्जर बिजली खर्च (Electricity Bill) करता है? तो इसका जवाब है-हां, लेकिन आमतौर पर यह खपत बहुत कम होती है।
जब चार्जर प्लग में लगा रहता है और फोन उससे जुड़ा नहीं होता, तब भी वह थोड़ी मात्रा में बिजली ले सकता है। हालांकि नए और अच्छी क्वालिटी वाले चार्जर में यह खपत काफी कम होती है। इसलिए सिर्फ एक चार्जर को पूरे महीने प्लग में लगाए रखने से बिजली के बिल में बड़ा अंतर आमतौर पर नहीं आता। हालांकि घर में कई चार्जर और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस लगातार प्लग में लगे हों तो उनकी छोटी-छोटी खपत (Electricity Bill) मिलकर बढ़ सकती है।
चार्जर की बिजली खपत उसके मॉडल और डिजाइन पर निर्भर करती है। पुराने, खराब या घटिया क्वालिटी वाले चार्जर नए चार्जर की तुलना में ज्यादा बिजली खींच सकते हैं। इतना ही नहीं अगर कोई चार्जर जरूरत से ज्यादा गर्म होता है, टूटा हुआ है या उसकी वायर खराब है तो उसे प्लग में लगाकर छोड़ना ठीक नहीं है। ऐसे चार्जर को इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है।
आजकल ज्यादातर स्मार्टफोन में ऐसी तकनीक होती है जो बैटरी फुल होने के बाद चार्जिंग को नियंत्रित करती है। फिर भी फोन को जरूरत से ज्यादा समय तक चार्जिंग पर लगाए रखना जरूरी नहीं है। फोन चार्ज हो जाने के बाद चार्जर निकाल देना अच्छी आदत है। इससे चार्जर और फोन दोनों की बेहतर देखभाल हो सकती है।
सिर्फ एक चार्जर को सॉकेट में लगाए रखने से बिजली का बिल (Electricity Bill) अचानक नहीं बढ़ जाएगा। लेकिन घर में टीवी, लैपटॉप, चार्जर और दूसरे उपकरण लगातार प्लग में लगे रहते हैं तो इनकी छोटी-छोटी बिजली खपत जुड़ सकती है। इसलिए जब किसी डिवाइस की जरूरत न हो तो उसे स्विच ऑफ करना और चार्जर को सॉकेट से निकालना ही बेहतर है।