कोई दबाव नहीं था, इस श्रृंखला में काफी कुछ सिखने को मिला: सूर्यवंशी

कोई दबाव नहीं था, इस श्रृंखला में काफी कुछ सिखने को मिला: सूर्यवंशी

कोई दबाव नहीं था, इस श्रृंखला में काफी कुछ सिखने को मिला: सूर्यवंशी
Modified Date: June 21, 2026 / 07:51 pm IST
Published Date: June 21, 2026 7:51 pm IST

दाम्बुला, 21 जून (भाषा) किशोर सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने कहा कि लीग चरण में बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहने के बावजूद त्रिकोणीय श्रृंखला के फाइनल में उन पर किसी प्रकार का दबाव नहीं था।

पिछले मुकाबले में लचर प्रदर्शन तथा आक्रामक व्यवहार से सुर्खियां बटोरने वाले इस खिलाड़ी ने अपनी योजनाओं पर भरोसा रखते हुए स्वाभाविक खेल खेला जिससे भारत ए ने श्रीलंका ए के खिलाफ रविवार को फाइनल में 66 रन से जीत दर्ज की।

इस 15 साल के खिलाड़ी ने 29 गेंदों पर 94 रनों की विस्फोटक पारी के दौरान 11 गेंदों में अर्धशतक जड़कर लिस्ट-ए क्रिकेट का नया रिकॉर्ड बनाया। उनकी इस पारी ने खिताबी मुकाबले में भारत ‘ए’ की जीत की नींव रखी।

सूर्यवंशी इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर जाने वाली भारतीय टी20 का हिस्सा है और उन्हें उस दौरे पर पदार्पण का मौका मिल सकता है।

मैच के बाद ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुने गए सूर्यवंशी ने कहा, ‘‘मैंने कुछ खास नहीं सोचा था। बस पहले दस ओवरों में अपनी योजना को लागू करना चाहता था और फिर आगे बढ़ना चाहता था।’’

उनकी इस आक्रामक पारी ने वैसा ही प्रभाव छोड़ा जैसा उन्होंने इस वर्ष अंडर-19 विश्व कप में इंग्लैंड के खिलाफ 80 गेंदों पर 175 रन बनाकर किया था।

सूर्यवंशी की आतिशी शुरुआत की बदौलत भारत ए ने नौ ओवरों में ही 132 रन बना लिए थे। मध्यक्रम में कुछ धीमी बल्लेबाजी के बावजूद टीम ने नौ विकेट पर 377 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया और फिर श्रीलंका ए की पारी को 47.1 ओवर में 311 रन पर समेट दिया।

यह फाइनल उसी टीम के खिलाफ था, जिसके खिलाफ पिछले मुकाबले में भारत ‘ए’ सुपर ओवर में हार गया था। इस मैच में सूर्यवंशी का श्रीलंकाई खिलाड़ियों के साथ मैदान पर विवाद भी हुआ था।

आईपीएल में 72 छक्कों के रिकॉर्ड और 700 से अधिक रन के साथ वाहवाही बटोरने के बाद उस घटना और टूर्नामेंट में औसत प्रदर्शन (चार पारियों में 117 रन) के कारण उनके फॉर्म और संयम पर सवाल उठे थे।

बाएं हाथ के इस आक्रामक बल्लेबाज ने कहा कि उन्हें कभी दबाव महसूस नहीं हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘कोई दबाव नहीं था। मैं अपनी योजना को ठीक से लागू नहीं कर पा रहा था, लेकिन कोच से बात करने के बाद मैंने सुधार किया। इस श्रृंखला में मैंने बहुत कुछ सीखा।’’

टी20 विशेषज्ञ माने जाने वाले सूर्यवंशी ने कहा कि वे 50 ओवर प्रारूप में भी सहज हैं और अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने की चुनौती का आनंद लेते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने काफी 50 ओवर क्रिकेट खेला है। लोग शायद इसके बारे में ज्यादा नहीं जानते। अलग-अलग परिस्थितियों में ढलना ही सबसे बड़ी चुनौती थी और इस श्रृंखला में मुझे अच्छा अनुभव मिला।’’

भारत ए के कप्तान तिलक वर्मा ने टीम के सामूहिक प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि शुरुआती झटकों के बाद खिलाड़ियों ने बेहतरीन संयम दिखाया।

उन्होंने कहा, “ लगातार दो हार के बाद सबने शानदार जज्बा दिखाया। इसके बाद हमने बड़े अंतर से जीत दर्ज की, जो बहुत अच्छा रहा।”

तिलक ने कहा कि घरेलू क्रिकेट का अनुभव और खिलाड़ियों की स्पष्ट भूमिकाएं टीम के लिए महत्वपूर्ण रहीं।

उन्होंने कहा, “सभी खिलाड़ियों ने घरेलू क्रिकेट खेला है और अनुभव रखते हैं। बस योजना बनाकर मैदान पर उतरने की जरूरत होती है।”

श्रीलंका ए के कप्तान सहान अराच्चिगे ने स्वीकार किया कि सूर्यवंशी की विस्फोटक पारी ने उनकी टीम पर शुरुआत में ही दबाव डाल दिया। उन्होंने अंतिम ओवरों में खराब प्रदर्शन पर भी निराशा जताई, जहां नौवें नंबर के बल्लेबाज अनुकूल रॉय ने 15 गेंदों पर 39 रन बनाकर भारत को बड़े स्कोर तक पहुंचाया।

उन्होंने कहा, “सूर्यवंशी ने शानदार पारी खेली। हमने उसके बाद वापसी की कोशिश की, लेकिन आखिरी दो ओवरों में मैच हाथ से निकल गया।”

भाषा आनन्द नमिता

नमिता


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