नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) स्टार बल्लेबाज केएल राहुल ने स्वीकार किया है कि विशेषकर उनके टी20 अंतरराष्ट्रीय करियर के मामले में हालात हमेशा उनके मन मुताबिक नहीं रहेंगे लेकिन उन्हें खुशी है कि वह स्वयं को टेस्ट विशेषज्ञ मानने की धारणा को ‘तोड़ने’ में कामयाब रहे हैं।
इस 34 वर्षीय बल्लेबाज ने पिछले महीने पंजाब किंग्स के खिलाफ आईपीएल मैच में 64 गेंद पर नाबाद 152 रन बनाए थे जो इस प्रारूप में उनके लगातार बेहतर प्रदर्शन का नमूना है। कर्नाटक के इस खिलाड़ी ने 2022 के बाद से भारत के लिए कोई टी20 मैच नहीं खेला है, लेकिन वह टेस्ट और वनडे में नियमित रूप से खेलते हैं।
राहुल ने जियोस्टार से कहा, ‘‘दस साल पहले मैं टी20 टीम का हिस्सा बनने के लिए कुछ भी करने को तैयार था। मुझे कभी टी20 खिलाड़ी के रूप में नहीं आंका गया और न ही मुझे सीमित ओवरों का अच्छा खिलाड़ी माना गया। मुझे तो केवल टेस्ट खिलाड़ी के रूप में ही देखा जाता था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए उस सांचे से बाहर निकलना, सीमित ओवरों के अपने खेल को बेहतर बनाना और यहां तक पहुंचना मेरे लिए वाकई गर्व की बात है। इस दौरान मैंने गलतियां भी की हैं और ऐसी कई चीजें हैं जिन्हें मैं बेहतर कर सकता था।’’
राहुल ने कहा, ‘‘लेकिन, मुझे इस बात पर गर्व है कि मैंने हर बार अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और सफलता सुनिश्चित करने के लिए यथासंभव अच्छी तैयारी की है। खेल ऐसा ही होता है। हालात हमेशा आपके पक्ष में नहीं होते हैं।’’
राहुल ने कहा कि उन्होंने नतीजों की परवाह किए बिना अपने खेल पर ध्यान केंद्रित रखने की कोशिश की है।
उन्होंने कहा, ‘‘आपको इसे सहजता से लेना होगा और इस सफर का आनंद लेना होगा। मेरे पास अभी भी कुछ समय बचा है। इसलिए मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करता रहूंगा और देखूंगा कि मैं कितनी ट्रॉफियां जीत सकता हूं।’’
राहुल पिछले साल पिता बने जब उनकी अभिनेत्री पत्नी अथिया शेट्टी ने एक बेटी को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि इस नई भूमिका से उनके क्रिकेट करियर को भी फायदा हुआ है।
उन्होंने कहा, ‘‘पिता बनना मेरे लिए सबसे खूबसूरत अनुभव रहा है। मुझे लगता था कि मेरे जीवन में शांति और खुशी है, लेकिन मैं गलत था। जब तक आप अपने बच्चे को गोद में नहीं लेते, तब तक आपको सच्ची खुशी, शांति या आनंद का अनुभव नहीं होता।’’
राहुल ने कहा, ‘‘जब मैं उसकी मुस्कान देखता हूं, जब वह मुझे गले लगाती है और चूमती है, तो मैं सब कुछ भूल जाता हूं। इससे मुझे क्रिकेट में भी अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिली। मैं अब खेल के बारे में ज्यादा नहीं सोचता, जिससे यह फिर से रोमांचक हो गया है।’’
भाषा
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