Himanta Sarma Big Statement on Pawan Khera || Image- ANI News File
गुवाहाटी: हिमंता बिस्वा सरमा ने 2026 असम विधानसभा चुनाव में भाजपा-नीत गठबंधन की बड़ी जीत के बाद कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर तंज कसते हुए कहा कि असम की जनता ने उन्हें “पेड़ा खिला दिया।” (Himanta Sarma Big Statement on Pawan Khera) उन्होंने आगे कहा, “”जब पुलिस पवन खेड़ा को यहां बुलाएगी, तो मैं उन्हें खूब सारे पेड़े खिलाऊंगा और इसके लिए उनका शुक्रिया अदा करूंगा… मुझे लगता है कि पवन खेड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बहुत अच्छा काम किया, क्योंकि इससे हमें जीत में बहुत मदद मिली। प्रेस कॉन्फ्रेंस की वजह से बहुत सारे वोट हमारी तरफ आए और यहां तक कि गौरव गोगोई भी अपनी सीट हार गए।”
#WATCH | Guwahati: On Congress leader Pawan Khera, Assam CM Himanta Biswa Sarma says, “When the police call Pawan Khera here, I will feed him a lot of ‘peda’ and thank him for it… I think Pawan Khera did a very good thing by doing the press conference as it helped us a lot in… pic.twitter.com/mXAIRqrTiX
— ANI (@ANI) May 5, 2026
बता दें कि, कल जारी हुए परिणामों में भाजपा ने असम में शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता में वापसी की है। असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने जिन 90 सीट पर चुनाव लड़ा उनमें से 82 पर जीत हासिल की जबकि उसके सहयोगी दाल बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने 11 सीट पर चुनाव लड़ा और 10 सीट पर जीत हासिल की तथा असम गण परिषद (अगप) ने 26 सीट पर चुनाव लड़ा जबकि 10 सीट पर जीत दर्ज की। भाजपा ने राज्य में पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल किया। इससे पहले उसने 2021 और 2016 में 60 सीट जीती थीं।
राजनीतिक विश्लेषक ब्रजेन डेका ने कहा, “जब 2023 में परिसीमन हुआ था तब भाजपा ने कहा था कि उसने हिंदुओं के लिए 103 से 105 सीट सुरक्षित कर ली हैं। हिंदुओं के हितैषी होने की उसकी छवि को देखते हुए यह परिणाम भी अपेक्षित ही है।” (Himanta Sarma Big Statement on Pawan Khera) उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि भाजपा ने खुद को असमिया समुदाय के “अंतिम रक्षक’” के रूप में भी पेश किया है और पार्टी का अकेले 80 सीट का आंकड़ा पार करना यह दर्शाता है कि जनता ने उसे इस भूमिका में स्वीकार कर लिया है।
डेका ने कहा, “इससे राज्य की ‘जातीयवादी’ (क्षेत्रीय) ताकतें, चाहे वो अगप हो या रायजोर दल और असम जातीय परिषद जैसी विपक्षी पार्टियां, वे प्रभावी रूप से हाशिए पर चली गई हैं। लोगों ने भाजपा को ही समुदाय के भविष्य को सुरक्षित करने वाली पार्टी के रूप में स्वीकार कर लिया है।” इस चुनाव में रायजोर दल की सीट की संख्या बढ़कर दो हो गई, जबकि अगप एक बार फिर असफल रही। दोनों ही कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थीं।
डेका ने कहा, “भाजपा की जीत मुसलमानों, विशेषकर बांग्ला भाषी मुसलमानों को और भी अलग-थलग कर देगी जो मुख्यमंत्री के तीखे हमलों का शिकार रहे हैं।” राजनीतिक विश्लेषक ने यह भी बताया कि ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) जिसे ‘मिया’ समुदाय का रक्षक माना जा रहा था, उसे भी समुदाय ने नकार दिया है क्योंकि पार्टी इस बार केवल दो सीट ही जीत पाई। (Himanta Sarma Big Statement on Pawan Khera) ‘मिया’ मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है और गैर-बांग्ला भाषी लोग आमतौर पर उन्हें बांग्लादेशी अप्रवासी मानते हैं।