त्रीसा-गायत्री की जोड़ी ने विश्व चैंपियनशिप में पदक पक्का किया, सात्विक-चिराग को मिली निराशा

त्रीसा-गायत्री की जोड़ी ने विश्व चैंपियनशिप में पदक पक्का किया, सात्विक-चिराग को मिली निराशा

त्रीसा-गायत्री की जोड़ी ने विश्व चैंपियनशिप में पदक पक्का किया, सात्विक-चिराग को मिली निराशा
Modified Date: August 21, 2026 / 08:46 pm IST
Published Date: August 21, 2026 8:46 pm IST

नयी दिल्ली, 21 अगस्त (भाषा) त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की महिला युगल जोड़ी ने विश्व चैंपियनशिप में भारत के पदक अभियान को जारी रखा लेकिन सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी शुक्रवार को यहां क्वार्टर फाइनल में हारकर तीसरा पदक हासिल करने से चूक गई।

त्रीसा और गायत्री की गैर-वरीय जोड़ी ने पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए महिला युगल क्वार्टर फाइनल में चीन की जिया यी फैन और झांग शू जियान को एक घंटे नौ मिनट तक चले मैच में 16-21 21-15 21-13 से हराकर अपना अंतिम चार में पहुंचने से कम से कम कांस्य पदक पक्का किया। अब उनकी भिड़ंत चीन की लियू शेंग शू और तान निंग की नंबर एक जोड़ी से होगी।

भारत ने पिछली बार 2011 में महिला युगल में विश्व चैंपियनशिप में पदक जीता था। तब ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने लंदन में कांस्य पदक हासिल किया था।

लेकिन सात्विक और चिराग की स्टार पुरुष युगल जोड़ी का विश्व चैंपियनशिप में तीसरा पदक जीतने का सपना क्वार्टर फाइनल में विश्व रैंकिंग में तीसरे स्थान पर काबिज चीन के लियांग वेई केंग और वांग चांग की जोड़ी से सीधे गेम में हार के साथ टूट गया।

दुनिया की पांचवें नंबर की भारतीय जोड़ी को चीन के पेरिस ओलंपिक रजत पदक विजेता जोड़ी ने 36 मिनट में 21-18, 21-9 से हराया। सात्विक और चिराग ने 2022 और 2025 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीते थे।

गायत्री ने कहा, ‘‘पहले गेम के बाद हमने अपनी रणनीति बदल दी। शुरुआत में यह थोड़ा मुश्किल था। लेकिन हम संयमित रहे और जीत हासिल करने में कामयाब रहे। ’’

त्रीसा ने दबाव वाली स्थितियों से निपटने में मदद के लिए मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद की शांत बने रहने की सलाह को श्रेय दिया। उन्होंने कहा, ‘‘वह हमेशा कहते हैं कि बस शांत रहो और वर्तमान में रहो। आज इसने सही में काम किया। हमें इसी तरह की सलाह मिली थी। ’’

गायत्री ने कहा कि किसी खास प्रतिद्वंद्वी को निशाना बनाने की कोई विशेष योजना नहीं थी। उन्होंने कहा, ‘‘हम अपनी रणनीति के बारे में बहुत कुछ बताना नहीं चाहते। मुझे लगता है कि हम बस रोटेट कर रहे थे। हम बस चाहते थे कि हमारे पैर चलते रहें और हम कोर्ट पर शांत रहें। ’’

भारतीय जोड़ी ने घरेलू दर्शकों के अपार समर्थन के बीच पहला गेम हारने के बाद बेहतर स्मैश और साफ-सुथरे नेट प्ले के दम पर मैच का रुख पलट दिया।

भारतीय जोड़ी इस मैच में चीन की प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ 0-3 के रिकॉर्ड के साथ उतरी थी।

त्रीसा और गायत्री शुरुआत में 1-6 से पिछड़ गईं, लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार छह अंक हासिल करके स्कोर 8-9 कर दिया। चीन की टीम ने हालांकि इंटरवल तक तीन अंक की बढ़त बना ली थी।

भारतीय जोड़ी ने अपना संघर्ष जारी रखा और कुछ बेहतरीन रैलियों के बाद 13-15 के स्कोर पर चीनी खिलाड़ियों के करीब पहुंच गई। हालांकि झांग और जिया ने 17-14 की बढ़त हासिल करने के बाद पहला गेम जीत लिया।

झांग और जिया ने दूसरे गेम में भी अपनी लय बरकरार रखी और पहले 5-1 और फिर 10-7 से बढ़त ले ली। भारतीय जोड़ी ने हालांकि जोरदार वापसी करते हुए स्कोर 13-10 कर दिया।

मुकाबला काफी कड़ा रहा और एक समय स्कोर 15-14 तक पहुंच गया लेकिन भारतीय जोड़ी ने जल्द ही 19-14 की बढ़त बना ली और मैच को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया।

तीसरे और निर्णायक गेम में त्रीसा और गायत्री ने आक्रामक शुरुआत करते हुए 11-5 की बढ़त हासिल की और फिर लगातार तीन अंक जीतकर इसे 14-7 तक पहुंचा दिया।

भारतीय जोड़ी ने इसके बाद कुछ गलतियों के कारण अंक गंवाए लेकिन यह सिलसिला लंबे समय तक नहीं चला और उन्होंने 17-9 की बढ़त बना ली।

जिया और झांग ने दो मैच प्वाइंट बचाए, लेकिन वह भारतीय टीम को जीत हासिल करने से नहीं रोक पाई। त्रीसा जश्न मनाते हुए कोर्ट पर गिर पड़ीं, जबकि गायत्री को विश्वास नहीं हो रहा था कि उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में पदक पक्का कर लिया है।

इससे पहले, त्रीसा और गायत्री 2022 और 2023 में ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं। उन्होंने 2022 में राष्ट्रमंडल खेलों में कांस्य पदक भी जीता और पिछले साल की शुरुआत में शीर्ष 10 में जगह बनाई।

हालांकि इस साल की शुरुआत में एशिया बैडमिंटन चैंपियनशिप और उबर कप से पहले ट्रेनिंग के दौरान त्रीसा के टखने में चोट लग गई।

फिर ‘रिहैबिलिटेशन (चोट से उबरने की प्रक्रिया)’ के बाद त्रीसा और गायत्री ने इंडोनेशिया ओपन में वापसी की और फिर अमेरिका ओपन में खेलीं जिसके बाद इस महीने की शुरुआत में उन्होंने फिलीपीन इंटरनेशनल चैलेंज जीता।

सात्विक और चिराग का इस जोड़ी के खिलाफ पिछला रिकॉर्ड भी अनुकूल नहीं था। भारतीय जोड़ी ने चार मुकाबले जीते थे, जबकि नौ बार हार का सामना करना पड़ा था।

भारतीय जोड़ी ने हालांकि पहले गेम में अच्छी शुरुआत की और जोरदार रैलियों के बीच चीनी जोड़ी को कड़ी टक्कर दी। दोनों जोड़ियां 4-4, 8-8 और 10-10 की बराबरी पर रहीं। सात्विक और चिराग ने मिडकोर्ट पर अच्छी पकड़ बनाते हुए ब्रेक तक एक अंक की बढ़त कायम रखी।

इसके बाद कोण बनाकर लगाए गए रिटर्न से भारतीयों ने 15-12 की बढ़त बनाई और तेज फ्लैट रैलियों के बाद स्कोर 16-14 कर दिया। लेकिन चिराग की नेट पर हुई गलती और वांग के कूद कर लगाये जोरदार स्मैश ने चीन की जोड़ी को 17-18 तक पहुंचा दिया।

सात्विक का शॉट बाहर जाने से स्कोर 18-18 हुआ। इसके बाद लियांग के स्मैश और चिराग की एक और नेट गलती से चीन को दो गेम प्वाइंट मिले, जिसमें दूसरे मौके को उसने भारतीयों की लगातार चौथी गलती के साथ भुना लिया।

दूसरे गेम में लियांग और वांग ने आत्मविश्वास के साथ शुरुआत की और तेज रैलियों पर दबदबा बनाते हुए 9-4 की बढ़त हासिल कर ली। चिराग ने सर्विस पर दो गलतियां भी कीं और पहले गेम की आखिरी गलतियों के बाद उनकी निरंतरता प्रभावित हुई। चीन की जोड़ी ब्रेक तक 11-5 से आगे थी।

लियांग और वांग ने शटल को बेहद सपाट रखते हुए अलग-अलग कोणों से शॉट लगाकर भारतीय जोड़ी को संभलने का मौका नहीं दिया और उन्होंने 15-7 की बढ़त बना ली।

खासकर लियांग ने भारतीयों की योजना को पहले भांपने और तेज गति से रिटर्न करने के मामले में शानदार खेल दिखाया। इसके बाद बीच से सीधा शॉट लगाकर उन्होंने दोनों भारतीय खिलाड़ियों के बीच से शटल निकालते हुए बढ़त और मजबूत कर दी।

सात्विक के नेट में शॉट मारने से स्कोर 17-9 हुआ। बड़ी बढ़त के कारण चीन की जोड़ी का आत्मविश्वास बढ़ता गया, जबकि भारतीयों की उम्मीदें कमजोर पड़ने लगीं।

सात्विक का एक और प्रयास नेट नेट से टकरने बाद वांग और लियांग को नौ मैच प्वाइंट मिले और उन्होंने शानदार सर्विस के साथ पहले ही मौके पर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

भाषा

नमिता

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