शिकारी जैसी सोच बनाये रखने की कोशिश: आरसीबी के मो बोबाट
शिकारी जैसी सोच बनाये रखने की कोशिश: आरसीबी के मो बोबाट
बेंगलुरू, 19 मई (भाषा) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के क्रिकेट निदेशक मो बोबाट का कहना है कि आईपीएल में टीम का जबर्दस्त फॉर्म उस ‘शिकारी जैसी सोच’ के कारण है जिसकी वजह से पिछली बार खिताब जीतने के बावजूद टीम आत्ममुग्धता से बची रही ।
आरसीबी इस साल प्लेआफ में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई जिसके 18 अंक है । अभी उसे एक मैच और खेलना है और वह शीर्ष पर बने रहने की कोशिश में होगी ।
बोबाट ने आरसीबी की पहल ‘लैब्स इंडियन स्पोर्ट समिट’ में चुनिंदा मीडिया से कहा ,‘‘ मैं यह महसूस नहीं करना चाहता मानो हमने माउंट एवरेस्ट फतेह कर लिया हो (पिछले साल खिताब जीतने पर ) । हम चढते रहना चाहते हैं । शिकार जारी रहना चाहिये । हम आपस में इसी तरह बात करते हैं कि शिकारी जैसी सोच बनी रहनी चाहिये ।’’
उन्होंने कहा ,‘‘ मेरे लिए और यहाँ तक कि सीनियर खिलाड़ियों के लिए भी, तेजी से खुद को ढालना, अपनी सोच को फिर से सेट करना और यह तय करना कि अब हम आगे किस चीज पर काम करने वाले हैं, यह सचमुच बहुत जरूरी है।’’
इस प्रक्रिया का अहम भाग यह है कि डग आउट में हर तरह के खिलाड़ी हैं । अपार अनुभवी से लेकर पहला कदम रखने वाले युवा तक ।
बोबाट ने कहा ,‘‘ टीम में 19 साल का खिलाड़ी भी हो सकता है जिसने पहली बार आईपीएल में कदम रखा और ऐसा भारतीय खिलाड़ी भी जो बरसों से देश के लिये खेल रहा है।’’
उन्होंने कहा ,‘‘इसके अलावा एक आर्थिक माहौल भी है, जहाँ मेरा मानना है कि खिलाड़ियों की कमाई का उनकी असल कीमत से कोई लेना-देना नहीं होता। नीलामी में आपको जो कीमत मिलती है, वह आपकी असल कीमत नहीं होती । यह तो बस ‘माँग और आपूर्ति’ का खेल है।’’
उन्होंने कहा,‘‘ इसलिए ऐसा भी हो सकता है कि कोई अधिक अनुभवी और उपलब्धियाँ हासिल करने वाला खिलाड़ी, किसी नौसिखिए खिलाड़ी से कम कमा रहा हो क्योंकि असल में उस नौसिखिए के कौशल की ही उस समय अधिक माँग होती है।’’
बोबाट ने कहा ,‘‘ इन सभी को एक लक्ष्य के लिये साथ में लेकर प्रयास करना होता है । आईपीएल में आठ से दस दिन मिलते हैं लिहाजा यह आसान नहीं है लेकिन रोमांचक चुनौती है ।’’
भाषा मोना पंत
पंत

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