जर्जर इमारतों का उपयोग हो प्रतिबंधित, ठीक नहीं होने वाले ढांचे गिरायें : खेल मंत्रालय का निर्देश

जर्जर इमारतों का उपयोग हो प्रतिबंधित, ठीक नहीं होने वाले ढांचे गिरायें : खेल मंत्रालय का निर्देश

जर्जर इमारतों का उपयोग हो प्रतिबंधित, ठीक नहीं होने वाले ढांचे गिरायें : खेल मंत्रालय का निर्देश
Modified Date: April 6, 2026 / 07:10 pm IST
Published Date: April 6, 2026 7:10 pm IST

(पूनम मेहरा)

नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) खेल के मैदानों और खेल सुविधाओं पर ‘टाले जा सकने वाले हादसों’ को रोकने के प्रयास में खेल मंत्रालय ने सभी प्रदेश सरकारों को परामर्श जारी करके उनसे खस्ताहाल और अस्थिर ढांचों के इस्तेमाल को सीमित करने और जरूरत पड़ने पर ठीक नहीं हो सकने वाले ढांचों को गिराने के लिये कहा है ।

हरियाणा के रोहतक में कुछ महीने पहले खंभा गिरने से राष्ट्रीय स्तर के एक 16 वर्ष के बास्केटबॉल खिलाड़ी की मौत के बाद यह परामर्श तैयार किया गया ।

सोमवार को एक 20 वर्ष के मरीन इंजीनियरिंग छात्र की मौत हो गई जब कॉलेज परिसर में बास्केटबॉल हूप उस पर गिर गया ।

परामर्श में कहा गया ,‘‘ राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह दी जाती है कि वे सरकार/यूएलबी /पंचायत/ पीएसयू /स्वायत्त निकायों/शैक्षणिक संस्थानों के अंतर्गत आने वाले खेल के मैदानों और खेल सुविधाओं की सुरक्षा समीक्षा करें जिनमें स्टेडियम, इनडोर हॉल, अभ्यास के मैदान, ओपन जिम, स्विमिंग पूल और सभी सहायक ढांचे शामिल हैं ।’’

इसमें कहा गया ,‘‘ इस समीक्षा में विशेष रूप से ढांचागत स्थिति, चारदीवारी/रेलिंग, गेट, दर्शक दीर्घा, प्रकाश स्तंभ/टॉवर, स्कोरबोर्ड, फर्श/सतह, जल निकासी/मैनहोल और किसी भी अस्थायी ढांचे को शामिल किया जा सकता है।’’

मंत्रालय ने राज्य सरकारों को सलाह दी है कि वे ‘प्रमुख चेतावनी संकेतों’ के माध्यम से उपयोग को प्रतिबंधित करने के बाद क्षतिग्रस्त ढांचों की तत्काल मरम्मत करें या उन ढांचों को ध्वस्त कर दें जिनकी मरम्मत संभव नहीं है।

इसके साथ ही मंत्रालय ने सार्वजनिक सुविधाओं पर खेल उपकरणों की आवधिक समीक्षा का भी आग्रह किया है ।

मंत्रालय ने बिजली के उपकरणों और आग से सुरक्षा की बुनियादी तैयारियों के नियमित निरीक्षण का आग्रह करते हुए बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने वाले कार्यक्रमों के लिए कुछ नियम भी तय किये हैं ।

इसमें कहा गया ,‘‘ बड़े पैमाने पर लोगों की भागीदारी या दर्शकों की मौजूदगी वाले कार्यक्रमों, टूर्नामेंटों या कोचिंग सत्रों के लिए, आयोजकों या सुविधा प्रबंधकों को एक सरल सुरक्षा योजना तैयार करनी चाहिए। इस योजना में भीड़ की आवाजाही, प्रवेश और निकास का प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया और अस्थायी ढांचों की सुरक्षित स्थिति व मजबूती जैसे पहलुओं को शामिल किया जाना चाहिए।’’

बच्चों द्वारा नियमित तौर पर इस्तेमाल की जाने वाली सुविधाओं के लिये मंत्रालय ने प्रशिक्षण के दौरान लगातार निगरानी रखने और शिकायत हेल्पलाइन की जानकारी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने की भी सलाह दी है ।

भाषा मोना सुधीर

सुधीर


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