विनेश ने एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप में पहली बार स्वर्ण हासिल किया

विनेश ने एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप में पहली बार स्वर्ण हासिल किया

विनेश ने एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप में पहली बार स्वर्ण हासिल किया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:50 pm IST
Published Date: April 16, 2021 12:51 pm IST

अलमाटी, 16 अप्रैल (भाषा) ओलंपिक टिकट हासिल कर चुकी विनेश फोगाट ने शुक्रवार को एशियाई चैम्पियनशिप के फाइनल में अपनी प्रतिद्वंद्वी को एकतरफा मुकाबले में पटखनी देते हुए स्पर्ण पदक हासिल किया।

कई बड़े खिलाड़ियों के बिना आयोजित इस प्रतियोगिता में विनेश पूरा दबदबा कायम रहा और उन्होंने 53 किग्रा वार्ग में बिना अंक गंवाये पहली बार एशियाई चैम्पियनशिप का पीला तमगा हासिल किया।

पिछले साल दिल्ली में आयोजित हुई प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीतने वाली विनेश ने फाइनल में ताइपे की मेंग ह्सआन हसिह के खिलाफ 6-0 की बढ़त हासिल करने के बाद उसे पूरी तरह से चित कर दिया। इस प्रतियोगिता में ताइपे की इस खिलाड़ी पर विनेश की यह दूसरी जीत है।

इससे पहले उन्होंने इस चैम्पियनशिप में अब तक सात पदक हासिल किये हैं जिसमें तीन रजत पदक शामिल हैं।

विनेश ने शुरूआती चरण में मंगोलिया की ओटगोंजरगल गनबातर और हसिह के खिलाफ तकनीकी श्रेष्ठता से जीत दर्ज की, जबकि सेमीफाइनल में उनकी प्रतिद्वंद्वी की ह्युनयॉन्ग ओह चोट के कारण रिंग में नहीं उतरी।

पिछले दिनों इसी स्थल पर ओलंपिक कोटा हासिल करने वाली अंशु ने अपनी लय जारी रखते हुए फाइनल में जगह पक्की की। यह 19 साल की प्रतिभाशाली पहलवान शुरूआती दो बाउट में उज्बेकिस्तान की सेवारा इश्मुरतोवा और किर्गिस्तान की नाजिरा मार्सबेक कयजी को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर पटखनी देकर सेमीफाइनल में पहुंची।

मंगोलिया की बत्सेत्सेग अल्टांसेटसेग से वह 9-1 से आगे चल रही थीं जब रेफरी ने इस भारतीय खिलाड़ी को ‘विक्ट्री बाय कौशन (प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी के जरूरत से ज्यादा आक्रामक रूख के कारण जीत)’ के कारण जीत प्रदान की। इससे पहले इस मंगोलियाई खिलाड़ी को तीन बार चेतावनी दी गई थी।

फाइनल में उनका सामना इसी मंगोलियाई खिलाड़ी से होगा।

ओलंपिक कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक भी 65 किग्रा वर्ग के फाइनल में पहुंच गयी। वह अपने चहेते 62 किग्रा वर्ग में जगह बनाने में नाकाम रहने के बाद 65 किग्रा वर्ग में हाथ आजमा रही है।

पहले दो मुकाबले तकनीकी श्रेष्ठता के जीतने के बाद साक्षी कोरिया की हैनबिट ली के खिलाफ 3-0 से आगे चल रही थी। कोरियाई खिलाड़ी को हालांकि घुटने में चोट लग गयी और वह प्रतियोगिता से बाहर हो गयी।

फाइनल में उनका सामना मंगोलिया की बोलोटुंगालाग जोरिग्ट से होगा।

दिव्या काकरान भी यहां दमदार प्रदर्शन करते हुए तीसरे दौर में पहुंच गयी। उन्होंने इस दौरान 72 किग्रा भारवर्ग में एशियाई चैम्पियन कजाखस्तान की झामिला बाकबेर्गेनोवा को 8-5 से हराया।

भाषा आनन्द नमिता

नमिता


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