वाडा ने पाक-साफ करार दिया, दो बार परीक्षण किया गया: विनेश ने पात्रता विवाद पर कहा

वाडा ने पाक-साफ करार दिया, दो बार परीक्षण किया गया: विनेश ने पात्रता विवाद पर कहा

वाडा ने पाक-साफ करार दिया, दो बार परीक्षण किया गया: विनेश ने पात्रता विवाद पर कहा
Modified Date: May 11, 2026 / 08:51 pm IST
Published Date: May 11, 2026 8:51 pm IST

(तस्वीरों के साथ) … अमनप्रीत सिंह …

गोंडा (उत्तर प्रदेश) 11 मई (भाषा) भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) द्वारा प्रतियोगिताओं से बाहर किए जाने के बाद पहलवान विनेश फोगाट ने सोमवार को अपने पात्रता संबंधी विवाद पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (आईटीए) और विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) दोनों ने उन्हें एक जनवरी 2026 से फिर से प्रतिस्पर्धा में भाग लेने के लिए मंजूरी दे दी है। डब्ल्यूएफआई ने उन्हें वाडा के नियम 5.6.1 के तहत अयोग्य घोषित किया था, जो संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ियों पर लागू होता है। पूर्व विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता विनेश फोगाट यहां राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट के लिए पहुंची थीं और महासंघ द्वारा उन्हें भाग लेने की अनुमति न दिए जाने के बाद उन्होंने डब्ल्यूएफआई के अध्यक्ष संजय सिंह से मुलाकात की। महासंघ का कहना था कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही अभी लंबित है। विनेश ने कहा कि उनसे केवल एक बार ‘व्हेयरअबाउट्स’ ( जांच के लिए उपलब्ध रहने की जानकारी) अपडेट करने में चूक हुई थी और उन्होंने कभी भी कोई डोपिंग उल्लंघन नहीं किया। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “अगर मैंने कोई नियम तोड़ा होता तो राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) मुझे कारण बताओ नोटिस देती या मुझे प्रतिबंधित करती, या फिर वाडा मुझे नोटिस भेजती।’’ उन्होंने कहा, “मैंने सिर्फ एक बार व्हेयरअबाउट्स अपडेट नहीं किया था, जबकि ऐसे तीन अपडेट होते हैं। उस समय मैं मां बनी थी और विधानसभा सत्र भी चल रहा था। मैं अपडेट करना भूल गई थी। मैंने इसके लिए वाडा से माफी भी मांगी और उन्होंने मुझे क्लीन चिट (पाक साफ करार दिया) दे दी। उन्होंने कहा कि मैं किसी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग ले सकती हूं।’’ विनेश ने कहा कि उन्होंने परिस्थितियों की जानकारी वाडा को दी थी, जिसके बाद उन्हें प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए मंजूरी मिल गई। डब्ल्यूएफआई ने हालांकि वाडा के नियम 5.6.1 का हवाला देते हुए उन्हें 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं से अयोग्य घोषित कर दिया। महासंघ के रुख पर सवाल उठाते हुए विनेश ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं पहले ही उनकी पात्रता स्वीकार कर चुकी हैं। उन्होंने कहा, “अगर मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल सकती हूं तो यहां क्यों नहीं? अगर अंतरराष्ट्रीय संस्था मुझे योग्य मान रही है तो महासंघ को भी इसे स्वीकार करना चाहिए।’’ उन्होंने बाद में अपने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर आईटीए का एक पत्र साझा किया, जिसमें बताया गया कि तीन जुलाई 2025 को उन्हें औपचारिक रूप से सूचित किया गया था कि वे एक जनवरी 2026 से प्रतियोगिताओं में वापसी कर सकती हैं। आईटीए, यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) के डोपिंग रोधी कार्यक्रम का संचालन करती है। विनेश ने यह भी बताया कि मंजूरी मिलने के बाद भी उन्होंने दो बार डोपिंग परीक्षण कराया और दोनों बार उनकी रिपोर्ट नकारात्मक आई। उन्होंने कहा, “इसके बाद भी मैंने दो बार डोपिंग टेस्ट कराया। ऐसा नहीं है कि मैं टेस्ट से बचकर आई हूं। मैं पूरी तरह पाक साफ आई हूं।” उन्होंने दोहराया, “मैं हमेशा खेल में डोपिंग से दूर रही हूं और मैं किसी का हक नहीं ले रही हूं। मैं पूरी तरह निष्पक्ष हूं।” विनेश ने कहा कि वह सिर्फ अपने लिए एक निष्पक्ष मौका चाहती हैं ताकि वह मैट पर अपनी क्षमता साबित कर सकें। उन्होंने कहा, “मैं अपने लिए एक निष्पक्ष मौका चाहती हूं। पहले भी (जंतर-मंतर पर आंदोलन के दौरान) लोग कह रहे थे कि ट्रायल नहीं देना चाहते। मैं आज भी वही कह रही हूं। ट्रायल के बाद जो भारत में सबसे अच्छा होगा, वही मैट पर तय होना चाहिए। अगर मुझे मैट पर उतरने ही नहीं दिया जाएगा तो यह कैसे तय होगा कि किसने ज्यादा मेहनत की है।’’ वही दूसरी ओर भारतीय कुश्ती महासंघ ने एक बयान जारी कर कहा कि विनेश फोगाट को उनके आगमन से लेकर पूरी सुरक्षा प्रदान की गई। महासंघ ने कहा, “जैसा कि वहां मौजूद सभी लोगों ने देखा, उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात की और उन्हें नियमों के अनुसार अयोग्यता की जानकारी दी गई। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की और कहीं भी उन्हें रोका या बाधित नहीं किया गया। वे शांतिपूर्वक वहां से रवाना हो गईं।” इस बयान के मुताबिक, ‘‘डब्ल्यूएफआई सभी खिलाड़ियों के साथ समान व्यवहार करता है और खिलाड़ियों की सुरक्षा और कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। गोंडा में आगमन से लेकर उनके प्रस्थान तक हर चरण में उन्हें पूरी सुरक्षा और सहयोग प्रदान किया गया।’’ भाषा आनन्द सुधीरसुधीर


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