हमने अधिकतर लक्ष्य हासिल किए, जीत से स्पिन के अनुकूल हालात में खेलने का आत्मविश्वास बढ़ेगा: राहुल

हमने अधिकतर लक्ष्य हासिल किए, जीत से स्पिन के अनुकूल हालात में खेलने का आत्मविश्वास बढ़ेगा: राहुल

हमने अधिकतर लक्ष्य हासिल किए,  जीत से स्पिन के अनुकूल हालात में खेलने का आत्मविश्वास बढ़ेगा: राहुल
Modified Date: August 19, 2026 / 04:36 pm IST
Published Date: August 19, 2026 4:36 pm IST

गॉल, 19 अगस्त (भाषा) भारतीय उप कप्तान लोकेश राहुल श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में 165 रन की जीत के दौरान टीम के कई अहम लक्ष्यों को हासिल करने से खुश हैं और उन्होंने कहा कि इस मुकाबले से स्पिन की मददगार परिस्थितियों में खेलने का आत्मविश्वास बढ़ा है जो आगामी कड़ी चुनौतियों के लिए महत्वपूर्ण होगा।

भारत ने पांचों दिन दबदबा बनाए रखते हुए पहला टेस्ट अपने नाम किया और दो मैच की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त हासिल की। श्रृंखला का दूसरा और अंतिम टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा।

राहुल ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘मैं इसे राहत की सांस नहीं कहूंगा, बल्कि खुशी कहूंगा क्योंकि हर टेस्ट जीत विशेष होती है। लंबे समय बाद श्रीलंका लौटे हैं और टीम के कई खिलाड़ी यहां पहले नहीं आए हैं इसलिए यह दौरे की शानदार शुरुआत है। मुझे लगता है कि टेस्ट से पहले हमने जिन अधिकतर चीजों पर बात की थी, उन्हें हासिल किया।’’

न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के स्पिनरों के खिलाफ घरेलू मैदान पर मिली चुनौतियों के बाद भारत श्रीलंका के खिलाफ श्रृंखला में कुछ दबाव के साथ उतरा था लेकिन यहां भारतीय टीम ने श्रीलंकाई परिस्थितियों में स्पिन की चुनौती का मजबूती से सामना किया।

राहुल ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह जीत निश्चित रूप से खुशी का अहसास कराएगी और अगले मैच (कोलंबो) में जाने से पहले हमारा आत्मविश्वास भी बढ़ाएगी। अगले साल भारत में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हमारी एक बड़ी घरेलू श्रृंखला भी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए स्पिन के खिलाफ बल्लेबाजी और स्पिन वाली परिस्थितियों में खेलने को समझना ऐसी चीज है जिस पर हम सभी काम कर रहे हैं। इस लिहाज से यह जीत हमें काफी खुशी देती है।’’

राहुल ने खुद इस दौरे के लिए व्यापक तैयारी की थी और मुंबई की एक निजी सुविधा में स्पिन के खिलाफ अपने खेल पर काम किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि श्रृंखला से पहले आप कितनी अच्छी तैयारी करते हैं उससे किसी भी परिस्थिति में अच्छा प्रदर्शन करने की आपकी संभावनाएं बढ़ जाती हैं, चाहे भारत हो या विदेश।’’

राहुल ने कहा, ‘‘‘मैंने श्रीलंका में खेले गए कुछ मुकाबलों को देखा और यह समझने की कोशिश की कि बल्लेबाज के तौर पर मैच के किस चरण में रन बनाने के मौके मिलते हैं, किस चरण में दबाव को झेलना होता है, कब आक्रमण करना है और कब सतर्क रहना है।’’

राहुल ने कहा कि श्रृंखला से पहले सही तैयारी उन्हें एक क्रिकेटर के तौर पर मानसिक रूप से शांत रखती है।

यह 34 वर्षीय सलामी बल्लेबाज अपने कर्नाटक के साथी खिलाड़ी देवदत्त पडिक्कल के निर्णायक योगदान से भी खुश था जिन्होंने भारत की बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए वह पारी इस टेस्ट मैच का निर्णायक हिस्सा थी। उन्होंने जिस गति से बल्लेबाजी की और पहली पारी में शानदार शतक बनाया उससे हमारे लिए मैच की नींव तैयार हुई। परिस्थितियां बेहद गर्म थीं और शारीरिक रूप से भी यह चुनौतीपूर्ण था।’’

राहुल ने कहा, ‘‘यह देखकर वास्तव में बहुत खुशी हुई। मैंने उसके साथ काफी क्रिकेट खेला है और उसे बेंगलुरु से आगे बढ़ते हुए तथा कर्नाटक के लिए खेलते हुए देखा है। उसके पहला शतक का गवाह बनना मेरे लिए बहुत खास था। उम्मीद है कि वह इस आत्मविश्वास को अगले मैच और अपने करियर के आगे के दौर में भी बरकरार रखेगा।’’

भाषा सुधीर नमिता

नमिता


लेखक के बारे में