विश्व एथलेटिक्स ने भारत को डोपिंग में बेहद जोखिम वाली श्रेणी में रखा
विश्व एथलेटिक्स ने भारत को डोपिंग में बेहद जोखिम वाली श्रेणी में रखा
मोनाको, 20 अप्रैल (भाषा) पिछले दो वर्षों से डोपिंग के मामले में शीर्ष पर रहने के बाद विश्व एथलेटिक्स ने सोमवार को भारत को डोपिंग के मामले में बेहद जोखिम वाला देश करार दिया जिससे एथलीटों पर अधिक सख्त डोपिंग रोधी नियम लागू होंगे।
एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट (एआईयू) बोर्ड ने हाल ही में लिए गए एक फैसले में भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) को विश्व एथलेटिक्स के डोपिंगरोधी नियमों के नियम 15 के तहत श्रेणी बी से फिर से श्रेणी ए में रख दिया है।
एआईयू के अध्यक्ष डेविड हॉमन ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘भारत में डोपिंग की स्थिति लंबे समय से बेहद जोखिम वाली रही है और दुर्भाग्य से घरेलू डोपिंग रोधी कार्यक्रम की गुणवत्ता डोपिंग के जोखिम के अनुपात में बिल्कुल भी नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘एएफआई ने हालांकि भारत में डोपिंग में सुधारों की वकालत की है लेकिन इसके बावजूद पर्याप्त बदलाव नहीं हुए हैं। एआईयू अब एएफआई के साथ मिलकर एथलेटिक्स खेल की अखंडता को बनाए रखने के लिए सुधार करने की दिशा में काम करेगा जैसा कि हमने श्रेणी ए में शामिल अन्य देशों के साथ किया है।’’
भारत 2022 और 2025 के बीच एथलेटिक्स में डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघनों (एडीआरवी) के मामले में शीर्ष दो देशों में शामिल रहा है।
एआईयू के अनुसार भारत में 2022 में 48 एडीआरवी (दूसरा स्थान), 2023 में 63 (दूसरा स्थान), 2024 में 71 (पहला स्थान) और 2025 में 30 एडीआरवी (पहला स्थान) दर्ज किए गए।
विश्व एथलेटिक्स डोपिंगरोधी नियमों के तहत एआईयू बोर्ड सभी सदस्य संघों को खेल में डोपिंग के जोखिम के आधार पर वर्गीकृत करता है। श्रेणी ए में उन सदस्य देश को रखा जाता है जहां डोपिंग का जोखिम सर्वाधिक होता है। इन देशों के प्रति डोपिंग के मामले में अधिक कड़ा रवैया अपनाया जाता है।
श्रेणी बी के सदस्य देशों में डोपिंग का जोखिम मध्यम स्तर का होता है जबकि श्रेणी सी में शामिल देशों में डोपिंग का जोखिम कम होता है।
एआईयू की हाल में जारी की गई सूची में डोपिंग में दोषी पाए गए व्यक्तियों की सूची में भारत ने कीनिया तो पीछे छोड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया था। भारत के 148 एथलीट और सहयोगी स्टाफ के सदस्य इस कारण निलंबित किए गए हैं।
भाषा पंत सुधीर
सुधीर

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