(अमनप्रीत सिंह)
नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने भारतीय घुड़सवारी महासंघ (ईएफआई) के कामकाज को चलाने के लिए चार सदस्यीय तदर्थ समिति का गठन किया है। यह फैसला दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्देशों पर किया गया है।
आईओए के 27 मार्च के कार्यालय आदेश के अनुसार तदर्थ समिति की अध्यक्षता यशोदरा राजे सिंधिया करेंगी, जबकि अंतरराष्ट्रीय घुड़सवारी महसंघ (एफईआई) के निदेशक (शासन) फ्रांसिस्को लीमा, अधिवक्ता विदुषपत सिंघानिया और कर्नल अशोक यादव इसके सदस्य होंगे।
आईओए ने कहा कि ईएफआई का संचालन करने और स्वतंत्र रूप से चुनाव कराकर कार्यकारिणी गठित करने के लिए तत्काल प्रभाव से समिति का गठन किया गया है।
यह कदम दिल्ली उच्च न्यायालय के 18 फरवरी के फैसले के बाद उठाया गया है, जिसमें अदालत ने आईओए को एक तदर्थ समिति गठित करने का निर्देश दिया था, क्योंकि ईएफआई की कार्यकारी समिति का कार्यकाल सितंबर 2023 में समाप्त हो गया था। तब से ईएफआई में चुनाव लंबित हैं, जिसके कारण न्यायिक हस्तक्षेप की नौबत आई।
इससे पहले अदालत ने पेरिस 2024 ओलंपिक में खिलाड़ियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक अस्थायी व्यवस्था के रूप में पूर्व की कार्यकारी समिति को बहाल करने की अनुमति दी थी। अदालत ने इसके साथ स्थायी समाधान निकाले जाने की बात भी कही थी।
आईओए के आदेश के अनुसार, तदर्थ समिति कार्यवाहक निकाय के रूप में कार्य करेगी, जिसके पास ईएफआई के खातों के संचालन, प्रतियोगिताओं के आयोजन और चयन प्रक्रियाओं की देखरेख सहित पूर्ण प्रशासनिक, वित्तीय और नियामक नियंत्रण होगा।
समिति को ईएफआई के संविधान को राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम, 2025 और 2026 के नियमों के अनुरूप तैयार करने, सदस्यता संरचना का पुनर्गठन करने और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने का भी कार्य सौंपा गया है।
समिति को दो महीने के भीतर संविधान और उपनियमों को अंतिम रूप देना होगा और उसके बाद 30 दिन के अंदर चुनाव की अधिसूचना जारी करनी होगी।
आईओए ने स्पष्ट किया कि तदर्थ समिति केवल नई कार्यकारिणी के कार्यभार संभालने तक ही बनी रहेगी, जिसके बाद यह भंग हो जाएगी।
ईएफआई कार्यकारी समिति के कुछ फैसलों पर हाल में सवाल उठे थे जिनमें यौन उत्पीड़न के मामले में जमानत पर चल रहे तरसेम सिंह वारैच को जनवरी में जॉर्डन में विश्व कप क्वालीफायर के लिए भारतीय टीम का मुख्य कोच बनाना भी शामिल है।
भाषा
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