13 साल पहले आज ही के दिन पानी में डूब गया था ये बड़ा शहर

13 साल पहले आज ही के दिन पानी में डूब गया था ये बड़ा शहर

13 साल पहले आज ही के दिन पानी में डूब गया था ये बड़ा शहर
Modified Date: November 29, 2022 / 09:01 pm IST
Published Date: June 30, 2017 7:34 am IST

 

एक शहर की बरसी इंदिरा सागर बांध में डूबे हरसूद की तेरहवीं बरसी आज खंडवा जिले में नर्मदा नदी पर बने बांध की डूब की जद में आए 291 गांव और एक बड़ा शहर आज भी मांग रहा है इंसाफ जब लोगों के अपने छोड़कर चले जाते हैं तो उनकी याद में बरसी मनाई जाती है एक ऐसी ही बरसी मनाई गई एक शहर की और लगभग 291 गांवों की। जी हां खंडवा जिले में नर्मदा नदी पर बने इंदिरा सागर बांध की डूब में आए सैकड़ों गांव और हजारों वर्ष पुराना शहर हरसूद डूबने के तेरह साल बाद भी फिर से आबाद होने का इंसाफ मांग रहा है। 

वर्ष 2004 में जब इंदिरा सागर बांध में 255 मीटर पानी भरा तो खंडवा, देवास, हरदा जिले के सैंकड़ों गांव हमेशा के लिए जलमग्न हो गए। इंदिरा सागर बांध का बैकवॉटर 291 गांवों के साथ ही लाखों हेक्टैयर कृषि भूमि के साथ हजारों वर्ष पुराने हरसूद शहर को भी लील गया। सरकार ने इन सब गांवों और हरसूद को विस्थापित करने के लिए कईं योजनाएं बनाई लेकिन उजड़े हुए इन गांवों और हरसूद के बाशिंदों को तेरह साल बाद भी इंसाफ ना मिला। उजड़े हुए घरौंदों की मिट्टी में आज भी आबाद हरसूद की खुश्बू लोगों को यहां खींच लाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि हमको उजाड़ दिया गया लेकिन अब तक आबाद नहीं किया गया। 

हरसूद को भी डूबो दिया गया लेकिन यहां सरकार ने रोजगार और उद्योग धंधे नहीं स्थापित किए। इसके कारण यहां से बड़ी मात्रा में पलायन हुआ ओर लोग बेघर होकर बड़े शहरों की ओर चले गए। हरसूदवासी कहते हैं कि सब कुछ उजड़ गया सरकार ने करोड़ों खर्च भी किए लेकिन फिर से हरसूद आबाद ना हो सका। उधर क्षेत्र के विधायक और सरकार में लगातार तीसरी बार मंत्री बने विजयशाह कहते हैं कि हरसूद में काफी विकास हुआ है हम लोगों को उनके अधिकार दिला रहे हैं। सरकार लाख दावे करे लेकिन लोगों की फटेहाल जिंदगी सब कुछ बयां करती है। कहते हैं लम्हों ने खता की और सदियों ने सजा पाई है। शाायद हरसूद के साथ भी कहानी कुछ ऐसी ही है।


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