चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों की कोरोना से मौत पर बिफरा विपक्ष, 50-50 लाख के मुआवजे की मांग

चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों की कोरोना से मौत पर बिफरा विपक्ष, 50-50 लाख के मुआवजे की मांग

चुनाव ड्यूटी में लगे कर्मियों की कोरोना से मौत पर बिफरा विपक्ष, 50-50 लाख के मुआवजे की मांग
Modified Date: November 29, 2022 / 08:46 pm IST
Published Date: April 29, 2021 1:16 pm IST

लखनऊ, 29 अप्रैल (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा), कांग्रेस और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव में ड्यूटी पर लगे कई कर्मियों की मृत्यु को दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की है।

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बृहस्पतिवार को ट्वीट कर कहा ‘पंचायत चुनावों में ड्यूटी पर जिन अधिकारियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की मृत्यु कोरोना संक्रमण से हुई है उनके परिवारों को उत्तर प्रदेश सरकार तत्काल 50 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान करे।’

उन्होंने इसी ट्वीट में आगाह किया ‘भाजपा सरकार सुरक्षा दे अन्यथा सरकारी कर्मी व शिक्षक मतगणना का बहिष्कार करने पर बाध्य हो जाएँगे।’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने पंचायत चुनाव ड्यूटी के दौरान 500 शिक्षकों की मौत होने का दावा करते हुए ड्यूटी करने वालों की सुरक्षा प्रबंधों पर सवाल उठाए।

उन्होंने ट्वीट में कहा ‘यूपी पंचायत चुनावों की ड्यूटी में लगे लगभग 500 शिक्षकों की मृत्यु की खबर दुखद और डरावनी है। चुनाव ड्यूटी करने वालों की सुरक्षा का प्रबंध लचर था तो उनको क्यों भेजा?’

प्रियंका ने कहा ‘सभी शिक्षकों के परिवारों को 50 लाख रुपये मुआवजा तथा आश्रितों को नौकरी की मांग का मैं पुरजोर समर्थन करती हूँ।’

इस बीच राष्ट्रीय लोक दल के सचिव अनिल दुबे ने भी सरकार से पंचायत चुनाव ड्यूटी के दौरान कोरोना संक्रमण के कारण मृत अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा पत्रकारों के परिजन को 50-50 लाख रुपए की सहायता देने की मांग की।

दुबे ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण की भयावहता को देखते हुए आगामी दो मई को होने वाली पंचायत चुनाव की मतगणना कड़े प्रोटोकॉल के तहत कराई जाए। सरकार मतगणना ड्यूटी करने वाले अधिकारियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा कवरेज कर रहे पत्रकारों को संक्रमण से बचाने के लिए पूरा सुरक्षा कवच प्रदान करे। अगर सरकार को सुरक्षा देने में जरा सी भी असमर्थता महसूस हो तो मतगणना को फिलहाल स्थगित कर दे।

भाषा सलीम रंजन

रंजन


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