छुट्टी के दिन घर पर लगी अदालत, कलेक्टर के आदेश को पलटा

छुट्टी के दिन घर पर लगी अदालत, कलेक्टर के आदेश को पलटा

छुट्टी के दिन घर पर लगी अदालत, कलेक्टर के आदेश को पलटा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:49 pm IST
Published Date: June 25, 2018 11:12 am IST

बिलासपुर। हाईकोर्ट में रविवार को हुई एक सुनवाई ने नया इतिहास दर्ज किया है। नगपुरा ग्राम पंचायत के सरपंच के निर्वाचन मामले को हाईकोर्ट के जस्टिस गौतम भादुड़ी ने अपने घर में कोर्ट लगाकर सुनवाई की। जस्टिस भादुड़ी ने रविवार को ही हुए इस चुनाव के परिणाम पर स्टे ऑर्डर दिया।

मामला सरगांव के नगपुरा ग्राम पंचायत का है। वहां के सरपंच निर्मल दिवाकर को धारा 36 के तहत बेजा कब्जा का दोषी पाए जाने पर हटा दिया गया था। यह कार्रवाई कलेक्टर कोर्ट ने की थी। निर्मल दिवाकर के इस आदेश के खिलाफ कमिश्नर कोर्ट गया था। वहां कमिश्नर ने कार्रवाई को गलत बताते हुए आदेश खारिज किया था, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया तक 24 जून रविवार को चुनाव घोषित कर दिया गया और रविवार को चुनाव प्रक्रिया पूरी भी की जाने लगी।

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इस चुनाव को रोकने के लिए निर्मल दिवाकर ने अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर की, क्योंकि रविवार को ही चुनाव होना था लिहाजा इसकी अर्जेंट हियरिंग जरूरी थी।  एडवोकेट मतीन सिद्दीकी ने इस पूरे मामले को असिस्टेंट रजिस्ट्रार जनरल को बताया और रविवार को ही कोर्ट में मामला फाइल किया।

इस संबंध में चीफ जस्टिस को भी जानकारी दी गई, जिसके बाद चीफ जस्टिस ने जस्टिस गौतम भादुड़ी से मामले की सुनवाई करने कहा। रविवार की छुट्टी होने की वजह से जस्टिस भादुड़ी ने अपने घर पर ही अदालत लगाई। वहां राज्य शासन की ओर से रणवीर सिंह महारास और याचिकाकर्ता की ओर से मतीन सिद्दीकी ने अपने तर्क रखे। मामले की सुनवाई के बाद जस्टिस गौतम भादुड़ी चुनाव परिणाम पर रोक लगा दी।

वेब डेस्क, IBC24


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