शिक्षाकर्मियों का नया नारा- समस्या अनेक निदान सिर्फ संविलियन

शिक्षाकर्मियों का नया नारा- समस्या अनेक निदान सिर्फ संविलियन

शिक्षाकर्मियों का नया नारा- समस्या अनेक निदान सिर्फ संविलियन
Modified Date: November 29, 2022 / 08:31 pm IST
Published Date: April 22, 2018 7:45 am IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शिक्षाकर्मी एक बार फिर बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। उनका मानना है कि संविलियन के जरिए तमाम समस्याओं को दूर और मांगों को पूरा किया जा सकता है। शिक्षाकर्मियों ने समस्याएं अनेक निदान सिर्फ एक संविलियन का नारा दिया है। 

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शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा के प्रांतीय उपसंचालक जितेन्द्र शर्मा ने मीडिया को जारी बयान में कहा है कि सिलसिलेवार बताया है कि संविलियन ने उनकी क्या क्या समस्याएं सुलझ जाएंगी ? उनका कहना है कि उन्हें वेतन के लिए हर बार 2 से 3 महीने इंतजार करना पड़ता है, कभी कभी 4 से 6 महीने भी। क्योंकि वेतन दूसरे योजनाओं की तरह आबंटन मद से मिलता है जबकि नियमित शिक्षक को शासन के खजाने से और वो भी प्रत्येक महीने की एक तारीख को वेतन मिलता है। 

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इसी तरह शिक्षाकर्मी की मृत्यु पर अनुकम्पा नियम अत्यंत जटिल है। जबकि नियमित शिक्षक के आश्रित को तत्काल अनुकम्पा मिल जाती है। संविलियन से सुरक्षित सेवाकाल, उज्ज्वल भविष्य का रास्ता खुलेगा। वेतन विसंगतियां भी अपने आप दूर हो जाएगी और सातवां वेतनमान का लाभ मिलेगा। वर्तमान वेतन विसंगति सिर्फ इसलिए क्योंकि हमें छठवां वेतनमान नही बल्कि इसके समतुल्य मिल रहा है, नियमित शिक्षक को मिलने वाले समस्त भत्तों से भी दूर हैं जो संविलयन पश्चात मिलने लगेगा। अभी सीपीएस कटौती मूल वेतन पर किन्तु संविलियन पश्चात समग्र वेतन पर मिलेगा। उन्होंने कहा है कि  संविलियन से क्रमोन्नति का अधिकार, खुला स्थानांतरण, खुद को-परिवार को चिकित्सा का अधिकार जैसी सुविधा मिलेगी।

web team IBC24


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