कोरोना पॉजिटिव चारों मरीजों की हालत स्थिर, एम्स में वायरस टेस्टिंग की क्षमता भी हुई दोगुना

कोरोना पॉजिटिव चारों मरीजों की हालत स्थिर, एम्स में वायरस टेस्टिंग की क्षमता भी हुई दोगुना

कोरोना पॉजिटिव चारों मरीजों की हालत स्थिर, एम्स में वायरस टेस्टिंग की क्षमता भी हुई दोगुना
Modified Date: November 29, 2022 / 08:44 pm IST
Published Date: March 27, 2020 1:16 pm IST

रायपुर। एम्स में कोरोना वायरस के पॉजीटिव रोगियों की हालत स्थिर बनी हुई है। एम्स के विशेषज्ञों की टीम उनके इलाज पर निरंतर निगाह रखे हुए है और उन्हें नियमित रूप से काउंसलिंग प्रदान की जा रही है। एम्स ने माइक्रोबायलॉजी विभाग की वीआरडीएल लैब की क्षमता को दोगुना कर लिया है। अब यहां अधिकतम 300 सैंपल प्रतिदिन टेस्ट किए जा सकते हैं।

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एम्स द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार चारों रोगियों की स्थिति अभी भी स्थिर बनी हुई है। वे चिकित्सकों द्वारा प्रदान की जा रही चिकित्सा का बेहतर रेस्पांस दे रहे हैं। वरिष्ठ चिकित्सकों और नर्सिंग स्टॉफ की एक टीम निरंतर उन्हें चिकित्सा सेवाएं और काउंसलिंग प्रदान कर रही है।

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निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने बताया कि एम्स के माइक्रोबायलॉजी विभाग में बनी वीआरडीएल लैब को एक अतिरिक्त मशीन प्रदान की गई है जिससे विभाग अपनी सैंपल टेस्ट करने की क्षमता को बढ़ा सके। अब प्रतिदिन लगभग 300 सैंपल की टेस्टिंग की जा सकती है। अभी तक एम्स में 350 सैंपल टेस्ट किए गए हैं जिनमें छह पॉजीटिव और शेष नेगेटिव आए हैं। एम्स के पास पर्याप्त संसाधन हैं जिनकी मदद से वर्तमान रोगियों या अन्य किसी पॉजीटिव रोगी को पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की जा सकती हैं।

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इसके साथ ही कोरोना वायरस के सैंपल टेस्ट के लिए आवश्यक 1000 टेस्टिंग किट्स भी एम्स में उपलब्ध हैं। उप-निदेशक (प्रशासन) नीरेश शर्मा ने बताया कि एम्स में चिकित्सकों, नर्सिंग स्टॉफ और तकनीकी कर्मचारियों के लिए पर्याप्त संख्या में पीपीई किट्स, थ्री लेयर मास्क और एन-95 मास्क और सेनीटाइजर उपलब्ध हैं। सभी को आईसीएमआर के निर्देशों के अनुरूप सुरक्षा किट का प्रयोग करने के निर्देश दिए गए हैं।


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com