जनकपुर को नगर पंचायत बनाए जाने की मांग, जनप्रतिनिधियों को कांग्रेस की भूपेश सरकार से बढ़ी उम्मीद

जनकपुर को नगर पंचायत बनाए जाने की मांग, जनप्रतिनिधियों को कांग्रेस की भूपेश सरकार से बढ़ी उम्मीद

जनकपुर को नगर पंचायत बनाए जाने की मांग, जनप्रतिनिधियों को कांग्रेस की भूपेश सरकार से बढ़ी उम्मीद
Modified Date: November 29, 2022 / 08:43 pm IST
Published Date: August 17, 2020 11:54 am IST

कोरिया। मरवाही को नगर पंचायत बनाये जाने की घोषणा के बाद एक बार फिर कोरिया जिले की जनकपुर ग्राम पंचायत को नगर पंचायत बनाने की मांग होने लगी है। जनकपुर को नगर पंचायत बनाये जाने की घोषणा सबसे पहले कांग्रेस की सरकार रहने के दौरान छतीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने अपने जनकपुर दौरे के दौरान की थी लेकिन 18 साल बाद भी आज तक जनकपुर को नगर पंचायत का दर्जा नही मिल सका।

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बाद में भाजपा की सरकार बनने के बाद इलाके के बीजेपी विधायक फूलचंद सिंह ने भी भरतपुर और भगवानपुर ग्राम पंचायत को जनकपुर के साथ मिलाकर नगर पंचायत बनवाने प्रयास किया लेकिन पंचायत की एनओसी नहीं मिलने और दूरी होने के चलते जनकपुर नगर पंचायत नही बन सका। जनकपुर में भरतपुर ब्लाक के सभी सरकारी कार्यालय स्थित है, यहां सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं मौजूद है । जनकपुर से एमपी के शहडोल और सीधी के लिए सीधा मुख्य मार्ग है ।

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जनकपुर में साफ सफाई की समस्या के अलावा ग्राम पंचायत को मिलने वाला बजट भी पर्याप्त नहीं है। ऐसे में नगर पंचायत बनाये जाने से विकास कार्यो के लिए बजट भी मिलने लगेगा और साफ सफाई के लिए संसाधन भी मिल सकेंगे। यहां के व्यापार संघ के अध्यक्ष राजेश मिश्रा का कहना है कि जनकपुर बड़ी ग्राम पंचायत है इसलिए अब नगर पंचायत बनाया जाना जरूरी हो गया है। पंचायत के उपसरपंच और विधायक प्रतिनिधि अंकुर सिंह भी नगर पंचायत बनाये जाने की मांग को सही बता रहे है । उन्हें उम्मीद है कि कांग्रेस की वर्तमान सरकार जनकपुर को नगर पंचायत जल्द बनाएगी।

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लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com