मप्र में गर्भवती महिलाओं की मौत के आंकडे़ चैकाने वाले  

मप्र में गर्भवती महिलाओं की मौत के आंकडे़ चैकाने वाले  

मप्र में गर्भवती महिलाओं की मौत के आंकडे़ चैकाने वाले  
Modified Date: November 29, 2022 / 08:36 pm IST
Published Date: June 30, 2017 6:23 am IST

 

मध्य प्रदेश के तथ्य चैकाने वाले है क्योंकि मध्य प्रदेश गर्भ वति महिलाओ की मौत के मामले में देश में दूसरे नंबर पर है।हलाकि राज्य सरकार इनकी स्वास्थ सेवाओ में लगातार सुधार कर रही है और कई योजना भी लागू हुई है। अगर देखा जाए तो भारत में गर्भवती महिलाओ और गर्भस्थ शिशुओ की मृत्यु दर कम करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसके बावजूद रिपोर्ट्स में आए आंकड़े चिंतनीय है पिछले साल नेशनल हेल्थ मिशन द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार 2015 में गर्भवती महिलाओ की मौत में महाराष्ट्र अव्वल रहा था इस दौरान वहा 633 महिलाओ की मौत हुई। जबकि मध्य प्रदेश दूसरे नंबर पर रहा। इसी साल प्रदेश में 113 महिलाओ की मौत हुई जबकि 2014 में 109 महिलाओ की मौत हुई थी। यानि आंकड़ा धीरे धीरे बढ़ रहा है। 

नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार मध्य प्रदेश में 6 महीने ( अप्रैल 2016 से अक्टूबर 2016 ) में 10.59 लाख महिलाए गर्भवती हुई। इसमें से 5 फीसदी प्रेग्नेंसी लॉस की शिकार हुई। वेसे कई बार गर्भावस्था के दौरान गर्भपात हो जाता है या किन्ही कारणों से डॉक्टर्स को करना पड़ता है। इंदौर में भी बड़ी संख्या में सिजेरियन किये जाते है जिनमे प्रदेश के सबसे बड़े एमवाय अस्पताल और इंदौर के जिला अस्पताल भी शामिल है। साथ ही पीसी सेठी अस्पताल नंदा नगर प्रसूति गृह मांगीलाल चुरीया अस्पताल मल्हारगंज पॉली क्लीनिक और कल्याण मॉल नर्सिंग होम भी शमिल है। ज्यादातर मामलो में मेडिकल सर्विसेज नहीं मिल पाने से प्रग्नेंसी लॉस होता है। 


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