अनाथ बच्चों की संस्था मातृछाया के भवन का लोकार्पण किया डॉ रमन सिंह ने

अनाथ बच्चों की संस्था मातृछाया के भवन का लोकार्पण किया डॉ रमन सिंह ने

अनाथ बच्चों की संस्था मातृछाया के भवन का लोकार्पण किया  डॉ रमन सिंह ने
Modified Date: November 29, 2022 / 08:35 pm IST
Published Date: December 30, 2017 9:28 am IST

रायपुर स्थित मातृछाया एक ऐसी संस्था है जहां पहुंचने के बाद आपके मुँह से एक बार जरूर निकल जायेगा आखिर क्यों ? इनके पालको ने इन मासूमों का साथ छोड़ दिया। वो छोटे छोटे दूध मुंहे बच्चे जिन्हें  ये भी नहीं पता की हम यहाँ क्यों हैं।ऐसे बच्चों की देखभाल करने के लिए राज्य की एक मात्र संस्था मातृछाया पिछले कई सालों से किराये के मकान में संचालित थी जिसे संचालित करने वाले परिवारों को बहुत अधिक दिक्कत आती थी। कभी कहीं मकान बदलना तो कभी कहीं इसी के मद्देनज़र समाज सेवक विनय लुनिया ने अपनी माता स्वर्गीय बिमला देवी लुनिया की स्मृति में बच्चों के रहने के लिए  भवन का निर्माण करवाया और बच्चो को रहने के लिए एक स्थायी घर प्रदान किया.

पिछले दिनों मुख्यमंत्री  डॉ. रमन सिंह ने कोटा  में समाज सेवी संस्था सेवा भारती के प्रकल्प मातृछाया के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने भवन में अनाथ बच्चों और नन्हे शिशुओं की देखभाल के लिए की गई व्यवस्था और संचालित गतिविधियों को देखकर संस्था के प्रबंधन की काफी प्रशंसा की. मुख्यमंत्री ने कई शिशुओं के बिस्तरों और पालनों के पास पहुंचकर उन्हें बड़े स्नेह से अपना आशीर्वाद दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृछाया एक आदर्श संस्था है, जो एक अच्छी सोच को ले कर अपना कार्य कर रही है. ऐसे बच्चे जिन पर किसी कारण से उनके माता-पिता की छत्र छाया नहीं है, उनका जन्म से पालन-पोषण करना और माता-पिता का प्रेम देना एक महान कार्य है। उल्लेखनीय है कि मातृ छाया प्रकल्प की स्थापना वर्ष 2006 में समाज सेवी संस्था भारती द्वारा की गई है। सेवा भारती छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के विभिन्न हिस्सों में एक लाख से अधिक सेवा कार्य किए जा रहे हैं.

    मुख्यमंत्री ने संस्था के भवन निर्माण में श्री विनय लुनिया के परिवार से प्राप्त सहयोग की प्रशंसा की। श्री लुनिया ने अपनी माता स्वर्गीय बिमला देवी लुनिया की स्मृति में इस भवन का निर्माण करवाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने पहली बार ऐसी संस्था देखी जिसमें शासन से या मुझसे किसी प्रकार के आर्थिक सहयोग की अपेक्षा नहीं की गई, बल्कि मेरे द्वारा आग्रह करने पर समाज की तरफ से सहयोग लेने की इच्छा प्रकट की गई। उन्होंने कहा कि मेरा विश्वास है कि मातृछाया का नवनिर्मित भवन इस संस्था से जुड़े कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू ने कहा कि मातृछाया जैसी संस्था से समाज को प्रेरणा लेनी चाहिए। राज्य शासन का महिला एवं बाल विकास का भी बच्चों के विकास और उनके संवर्धन के लिए कार्य करता है और उसके लिए कई कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित करता है। इस कार्यक्रम को श्री दीपक विस्पुते और मातृछाया के संरक्षक श्री सुधाकर कोण्डापुरकर ने भी संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने संस्था को सहयोग करने वाले नागरिकों को सम्मानित किया। मातृछाया संस्था की तरफ से मुख्यमंत्री को भी प्रतीक चिन्ह प्रदान किया गया। इस अवसर पर डॉ. पुर्णेन्दु सक्सेना सहित अनेक नागरिक उपस्थित थे.


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