एक प्रत्याशी ऐसा भी जो मतदान से पहले ही अपनी हार का दावा कर रहा, जानिए माजरा
एक प्रत्याशी ऐसा भी जो मतदान से पहले ही अपनी हार का दावा कर रहा, जानिए माजरा
दुर्ग। दुर्ग जिले की राजनीति देश में हमेशा से ही सुर्खियों में रही है। लोकसभा चुनाव के इस दौर में एक ऐसा भी प्रत्याशी मैदान में है जो मतदान से पहले ही अपनी हार का दावा कर रहा है। इन दिनों स्वाभिमान मंच के प्रत्याशी राजकुमार गुप्ता जो कि दुर्ग लोकसभा से अपना नामांकन जमा कर चुके हैं। उसके बाद भी ऐसे दावे कर रहे हैं।
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पेशे से एडवोकेट राजकुमार गुप्त किसान नेता के नाम से प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखते है। उनका मानना है कि उन्हें लोकसभा क्षेत्र में अधिकतर लोग चेहरे से ही जानते है। राजकुमार गुप्ता के मुताबिक राष्ट्रीय दलों के प्रत्याशी सिर्फ उनके वर्षो से आबंटित चिन्हों के नाम पर ही चुनाव में उतरते आये है जिनका फायदा भी प्रत्याशी को मिलता है। गुप्ता ने दावा किया है कि चुनाव आयोग द्वारा चेहरे पर चुनाव लड़ाने पर उनकी बहुमत से जीत निश्चित है।
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दुर्ग लोकसभा सीट से स्वाभिमान मंच के प्रत्याशी के तौर पर राजकुमार गुप्ता ने नामंकन जमा किया है। राजकुमार गुप्ता ने फार्म जमा करते वक्त कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अंकित आनंद से निर्वाचन आयोग द्वारा आबंटित किये जाने वाले चुनाव चिन्ह की बजाए अपने चेहरे(फोटो) पर चुनाव में हिस्सा लेने का आवेदन किया है। जिसपर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें नोटिस जारी कर उनके निवेदन को अस्वीकार कर दिया है। अब ऐसे में राजकुमार गुप्ता चुनाव चिन्ह आबंटन के बाद अपने आबंटित चिन्ह को दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं तक पहुचाने में असमर्थता जताते हुए अपनी हार स्वीकार कर ली है वही हारने की स्थिति में निर्वाचन आयोग के खिलाफ हाईकोर्ट सहित सुप्रीम कोर्ट की शरण मे जाने की चेतावनी भी दी है,अब देखना होगा मतगणना के बाद आने वाले परिणामो के बाद प्रत्याशी का क्या परिणाम आता है।

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