भिलाई। 17 साल की उम्र में लापता हुए बड़े भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने छोटे भाई का परिवार सिटी कोतवाली थाना पहुंचा। उनकी बात सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई। गुमशुदगी दर्ज कराने वाले मोतीपारा निवासी धीरज लाल देवांगन की उम्र लगभग 78 साल है। सारा मामला जमीन का है।
धीरज लाल के परिवार के सदस्य गोपाल ने बताया कि पिताजी के बड़े भाई मनराखन 17 साल की उम्र में घर से बिना बताए चले गए। वे आज तक लौट कर नही आए। धीरजलाल की उम्र 78 वर्ष है और गुम हुए उनके भाई मनराखन की उम्र 80 साल से अधिक हो गई है। इस उम्र में उनके जीवित रहने की उम्मीद नहीं है।
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इस पृरे मामले पर शिकायत करने वाले धीरज लाल का कहना है कि उनके परिवार की माली हालत ठीक नहीं होने के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। इसी बीच उनका बड़ा भाई परिवार छोड़कर चले गए। वह कहां गए, यह परिवार व अन्य रिश्तेदार को भी नहीं मालूम। उनकी मृत्यु की आंशका इसलिए जता रहे हैं कि मनराखन की उम्र 80 वर्ष के ऊपर ही है। उम्र दराज होना ही मुत्यु की आशंका का मुख्य आधार है।
बता दें कि उरला में 37 डिसमिल पैतृक जमीन है। जमीन धीरज लाल और सभी भाइयों के नाम पर दर्ज है। भाइयों में अकेला बचे होने के कारण वह जमीन को अपने बेटे के नाम करना चाहते हैं। लेकिन कानूनी अड़चन के कारण वह कुछ नहीं कर पा रहा है। इस पूरे मामले पर अब बड़े भाई का मृत्यु का प्रमाण पत्र चाहिए। धीरजलाल चार भाईयों में सबसे छोटा पहले और तीसरे क्रम के भाई की मृत्यु कुछ वर्ष पहले हो गई है। इसके बाद अब संपत्ति को अपने नाम करने में दिक्कत आ रही है।
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इसी वजह से वह अपने लापता भाई की मृत्यु की सूचना देने थाना पहुंचा था। शिकायतकर्ता ने बताया कि बड़े भाई के लापता होने की सूचना इसके पहले कभी नहीं दी। कारण बताया कि कभी जरुरत ही नहीं पड़ी। संपत्ति को अपने नाम करने का आवेदन प्रस्तुत करने पर राजस्व न्यायालय ने भाई का मृत्यु प्रमाण पत्र या फिर उसकी उपस्थिति अनिवार्य बई। इसलिए वह थाने में गुमशुगदी दर्ज कर प्रमाण पत्र लेना चाहता है।