सीतारमण ने बिना गाउन पहने बांटी डिग्रियां, मेडल पाकर सजे-धजे स्टूडेंट्स के चेहरे खिले

सीतारमण ने बिना गाउन पहने बांटी डिग्रियां, मेडल पाकर सजे-धजे स्टूडेंट्स के चेहरे खिले

सीतारमण ने बिना गाउन पहने बांटी डिग्रियां, मेडल पाकर सजे-धजे स्टूडेंट्स के चेहरे खिले
Modified Date: November 29, 2022 / 08:55 pm IST
Published Date: April 10, 2018 11:37 am IST

रायपुर। मंगलवार दोपहर छत्तीसगढ़ की राजधानी पहुंची केंद्रीय रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने आईआईएम रायपुर के 214 स्टूडेंट्स को डिप्लोमा और मेडल प्रदान किए। इनमें पोस्‍ट ग्रेजुएशन प्रोग्राम के तहत 2015-17 बैच के 49 और 2016-18 बैच के 147 और कार्यकारी अधिकारियों के लिए पोस्‍ट ग्रेजुएशन कार्यक्रम के तहत 2016 के बैच के कुल 10 और प्रबंधन में फैलो कार्यक्रम के आठ स्टूडेंट्स को पदक और डिप्लोमा प्रदान किए गए। केंद्रीय रक्षा मंत्री इस कार्यक्रम में बिना दीक्षांत गाउन पहने शामिल हुई। जबकि स्टूडेंट्स दीक्षांत गाउन में सजे-धजे नजर आए।

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बताया जा रहा है कि समारोह के एक दिन पहले रक्षा मंत्रालय से एक सूचना आईआईएम रायपुर को मिली जिसमें केंद्रीय मंत्री को बिना पारंपरिक गाउन पहने ही दीक्षांत समारोह मे शामिल होने की बात कही गई। लेकिन इन सूचना के पिछे के कारण स्पष्ट नहीं हो पाएं है। केंद्रीय मंत्री ने अपने भाषण में मैनेजमेंट की बेहद सुंदर परिभाषा स्टूडेंस को बताई।

मंत्री ने बताया कि इंजीनियरिंग आर्ट्स और सोशल का मिलाजुला विषय है मैनेजमेंट। निर्मला सितारमण व्यावार और विकास कार्य में महिलाओं की भागीदारी पर कहा कि बड़े-बडे़ इंस्टीट्यूट के बोर्ड में महिलाओं को वह पोजीशन नहीं मिल पाती जो मिलना चाहिए। लेकिन मैनेजमेंट में 30 प्रतिशत वूमेंस का आरक्षण इस बात का इंडिकेशन है कि इस दिश में प्रयास किया जा रहा है। 

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केंद्रीय मंत्री के भाषण के बाद मुख्यमंत्री डाॅ. रमन ने भी समारोह को संबोधित किया, मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आप किसी का सम्मान करते हो तो दिल से करें, ताली बजाकर सम्मान करना बहुत बड़ी है। रमन सिंह ने कहा बोलना भी एक मैनेजमेंट है अच्छा बोलना बुरा बोलना यह सामने वाले के चेहरे से समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि नए भारत के निर्माण में यही युवा शक्ति काम आएगी जो इस आज इस संस्था से निकल रही है। 

 

वेब डेस्क, IBC24


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