बिहार में नए कृषि कानूनों के विरोध में महागठबंधन ने मानव श्रृंखला बनाई

बिहार में नए कृषि कानूनों के विरोध में महागठबंधन ने मानव श्रृंखला बनाई

बिहार में नए कृषि कानूनों के विरोध में महागठबंधन ने मानव श्रृंखला बनाई
Modified Date: November 29, 2022 / 08:52 pm IST
Published Date: January 30, 2021 11:55 am IST

पटना, 30 जनवरी (भाषा) बिहार में विपक्षी महागठबंधन के समर्थकों ने राज्यभर में मानव श्रृखंला बनाकर आंदोलन कर रहे किसानों के साथ एकजुटता जताई जो कि तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने पटना में बुद्ध स्मृति पार्क के बाहर हुए विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान उनके गठबंधन सहयोगी भी प्रदर्शन में शामिल हुए।

दोपहर के बाद शुरू हुए इस प्रदर्शन में विपक्ष के नेता अपने तय स्थान पर करीब तीस मिनट तक खड़े रहे। कुछ लोगों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर मानव श्रृंखला बनाई जबकि कुछ लोग कोविड-19 के सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए एक-दूसरे से उचित दूरी पर खड़े हुए।

मानव श्रृंखला के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, ‘‘ हमने वर्ष 2017 में दहेज और बाल विवाह के खिलाफ मानव श्रृंखला बनाई थी। पिछले साल, हमने पर्यावरण परिवर्तन के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए मानव श्रृंखला बनाई थी, जिसने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ यह अच्छा है कि और लोग भी प्रेरणा ले रहे हैं। ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने का हक सभी को है।’’

इस पर पलटवार करते हुए यादव ने कहा, ‘‘ यह एक तुच्छ टिप्पणी है। क्या वह पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने मानव श्रृंखला बनाई थी? उन्हें नए कृषि कानूनों को लेकर अपना रुख साफ करना चाहिए। ’’

मौके पर मौजूद राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज झा ने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री द्वारा आयोजित मानव श्रृंखला की सफलता नौकरशाही पर निर्भर करती है। उस समय संबंधित अधिकारियों को लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए गए थे। आज जो यहां हो रहा है, वह सहज है। ’’

पटना में आयोजित की गई मानव श्रृंखला के दौरान भाकपा (माले) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य और कांग्रेस विधायक दल के नेता अजीत शर्मा भी मौजूद रहे।

भाषा

शफीक मनीषा

मनीषा


लेखक के बारे में