कंगना के बंगले में तोड़फोड़ करने के मामले में मानवाधिकार आयोग ने BMC आयुक्त को किया तलब

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कंगना के बंगले में तोड़फोड़ करने के मामले में मानवाधिकार आयोग ने BMC आयुक्त को किया तलब

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  • Publish Date - December 23, 2020 / 12:56 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:30 PM IST

मुंबई, 23 दिसंबर (भाषा) बृहन्मुंबई महानगर पालिका द्वारा कंगना रनौत के बंगले के एक हिस्से को तोड़े जाने के विरुद्ध दायर एक याचिका पर बुधवार को, महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग ने महानगर पालिका आयुक्त को 20 जनवरी को सुनवाई के दौरान आयोग के सामने पेश होने का आदेश दिया।

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आयोग में दो दिन पहले याचिका दायर की गई थी जिसमें कहा गया था कि बांद्रा में रनौत के बंगले में की गई तोड़फोड़ उनके मानवाधिकारों का हनन था।

बीएमसी ने दावा किया था कि अभिनेत्री ने बंगले में गैरकानूनी निर्माण कराया था इसलिए निकाय के अधिकारियों ने कानून सम्मत कार्रवाई की थी।

याचिकाकर्ता आदित्य मिश्रा ने बंबई उच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि बीएमसी द्वारा कानून की आड़ में द्वेषपूर्ण कार्रवाई की गई थी।

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उन्होंने उच्चतम न्यायालय के एक आदेश का भी हवाला दिया जिसके अनुसार निजी संपत्ति के अधिकार को मानवाधिकार घोषित किया गया था।

याचिकाकर्ता ने कहा कि यदि किसी की निजी संपत्ति पर राज्य या उसकी एजेंसी द्वारा की गई कार्रवाई अवैध पाई जाती है तो यह मानवाधिकारों का उल्लंघन होगा।

उन्होंने कहा, “जब बीएमसी द्वारा की गई कार्रवाई को बंबई उच्च न्यायालय ने अवैध पाया तो यह साफ हो जाता है कि यह मानवाधिकार उल्लंघन का मामला है जिसमें आयोग का दखल अपेक्षित है।”

आयोग ने बुधवार को याचिका स्वीकार की और महानगर पालिका आयुक्त को 20 जनवरी को सुनवाई के दौरान उपस्थित होने का आदेश दिया।