नक्सली हमले में 7 गोलियां खाने के बाद जवानों के साथ ऐसा सुलूक शर्मनाक, ये है सरकार की सच्चाई
नक्सली हमले में 7 गोलियां खाने के बाद जवानों के साथ ऐसा सुलूक शर्मनाक, ये है सरकार की सच्चाई
रायपुर। 16 साल तक सेना में रहकर देश सेवा करने वाले मनोज सिंह तोमर सरकारी भरोसे से बेहद दुखी हैं. नक्सली हमले में घायल होने के बाद सरकार भी कोई ध्यान नहीं दे रही है. हमले में मनोज को सात गोलियां
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लगी थी. गोलियां लगने के बाद मनोज की आंते पेट से बाहर आ चुकी हैं. जिसके कारण मनोज को एक आंख से दिखना भी बंद हो गया. जवान का आरोप है कि इलाज को लेकर उसने प्रदेश सरकार से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और नरेंद्र तोमर से भी बात की थी लेकिन दो साल से ज्यादा का वक्त बीतने के बाद भी कोई मदद नहीं मिली. मनोज का कहना है कि शहीद के परिवारों को सरकार एक करोड़ रुपए तो दे रही है.
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लेकिन नक्सली हमले में घायल जवान जो शरीरिक अक्षम्य हो चुके हैं उसकी पूछ परख भी नहीं ले रही है. आपको बतादें मुरैना के रहने वाले मनोज सिंह तोमर नंवबर 2014 को सुकमा में हुए नक्सली हमले में शामिल थे. जिसमें 11 सीआरपीएफ और 6 छत्तीसगढ़ पुलिस के जवान शहीद हो गए थे. नक्सली हमले में मनोज सिंह ही जिंदा बचे थे.
वेब डेस्क, IBC24

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