दुर्ग विधानसभा में शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत खराब
दुर्ग विधानसभा में शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं की हालत खराब
जनता मांगे हिसाब के सफर की शुरुआत करते हैं छत्तीसगढ़ की दुर्ग ग्रामीण विधानसभा से..ये सीट प्रदेश की हाईप्रोफाइल सीटों में से एक है…इसी सीट से रमशीला साहू बीजेपी विधायक हैं जो कि प्रदेश सरकार में मंत्री हैं…सियासी बिसात और मुद्दों से पहले एक नजर विधानसभा की प्रोफाइल पर।
दुर्ग जिले की अहम विधानसभा सीट
कुल जनसंख्या-2 लाख 68 हजार 663
कुल मतदाता-1 लाख 90 हजार 444
महिला मतदाता-93 हजार 808
पुरुष मतदाता-96 हजार 636
विधानसभा में 52 ग्राम पंचायत और 1 नगर पंचायत शामिल
शिवनाथ,खरखरा और तांदुला प्रमुख नदियां
वर्तमान में विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा
रमशीला साहू हैं बीजेपी विधायक
सियासत-
चुनाव का काउंटडाउन शुरु होते ही दुर्ग ग्रामीण विधानसभा में चुनावी बिसात भी बिछने लगी है…बीजेपी के इस कब्जे वाली विधानसभा सीट पर कांग्रेस वापसी की कोशिश में है..तो वहीं इस बार के चुनावी समर में JCCJ भी होगी..
एक दौर था जब कांग्रेस का गढ़ हुआ करती थी दुर्ग ग्रामीण विधानसभा..मोतीलाल वोरा,प्यारेलाल बेलचंदन और वासुदेव चंद्राकर जैसे दिग्गज नेताओं की सियासी जमीन रही है ये विधानसभा..वक्त के साथ इस सीट की सियासी तस्वीर भी बदलती चली गई है…आज इस विधानसभा पर बीजेपी का कब्जा है..बीते चुनाव में बीजेपी की रमशीला साहू ने कांग्रेस की प्रतिमा चंदाकर को शिकस्त देकर बीजेपी की जीत का परचम लहराया..अब फिर चुनाव नजदीक हैं तो चुनावी बिसात भी बिछने लगी है..इसके साथ ही विधायक के दावेदार भी सक्रिय दिखाई देने लगे हैं…बात कांग्रेस की करें तो पूर्व विधायक प्रतिमा चंद्राकर प्रबल दावेदार हैं। इसके अलावा रिवेंद्र यादव,दीपक दुबे और जीतेंद्र साहू भी दावेदार माने जा रहे हैं..
तुलसी साहू,केशव बंटी हरमुख और जयंत देशमुख भी टिकट की दौड़ में शामिल हैं..अब बात बीजेपी की करें तो वर्तमान विधायक और प्रदेश सरकार में मंत्री रमशीला साहू का नाम सबसे आगे है..तो वहीं माया बेलचंदन,ललित चंद्राकर,थानुराम साहू भी दावेदार हैं..इसके अलावा प्रीतपाल बेलचंदन,रत्नेश चंद्राकर,मुकेश बेलचंदन और दिनेश देशमुख भी टिकट के लिए ताल ठोक रहे हैं..बीजेपी और कांग्रेस जहां तय नहीं कर पा रही है कि आखिर किसे मैदान में उतारा जाए तो वहीं JCCJ ने बालमुकुंद देवांगन को उम्मीदवार घोषित कर दिया है ।
मुद्दे-
सियासी नजरिए से तो चमकती दिखाई देती है दुर्ग ग्रामीण विधानसभा लेकिन विकास की तस्वीर धुंधली नजर आती है..शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं तक की हालत खराब है..बेरोजगारी भी हर तरफ नजर आती है
दुर्ग ग्रामीण विधानसभा में विकास की तस्वीर ग्रामीण इलाकों की तरह ही है। अस्पताल तो हैं लेकिन डॉक्टर नहीं..स्कूल हैं तो शिक्षक नहीं…यही हाल है शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का..विधानसभा में उद्योग तो हैं लेकिन स्थानीय लोगों को रोजगार मिल नहीं पा रहा है नतीजा पलायन कर रहे हैं लोग..उद्योगों से रोजगार मिल नहीं रहा अगर मिल रहा है तो सिर्फ प्रदूषण हवा से लेकर पानी तक सब में जहर घुल रहा है..शिवनाथ नदी भी प्रदूषण की मार झेल रही है..अवैध रेत उत्खनन पर भी लगाम नहीं लग पा रही है..ग्राणीण इलाकों में सड़कें भी बदहाल हैं..कहने को तो विकास कार्य हुए लेकिन वो अब सवालों के घेरे में हैं…विधानसभा में किसान भी संकटों से घिरा नजर आता है..सिंचाई के अभाव में किसानों के खेत प्यासे हैं..भारतमाला परियोजना के अंतर्गत सड़क निर्माण के लिए किसानों की जमीन तो ली गई लेकिन मुआवजे को लेकर किसान आक्रोशित हैं..इसके अलावा खेल ग्राम के नाम से पहचाने जाने वाले ग्राम पुरई में खिलाड़ी आज भी संसधानों के इंतजार में हैं ।
वेब डेस्क, IBC24

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