IBC24 की चौपाल में ग्वालियर ग्रामीण की जनता ने गिनाई समस्याएं

IBC24 की चौपाल में ग्वालियर ग्रामीण की जनता ने गिनाई समस्याएं

IBC24 की चौपाल में ग्वालियर ग्रामीण की जनता ने गिनाई समस्याएं
Modified Date: November 29, 2022 / 07:54 pm IST
Published Date: July 17, 2018 11:35 am IST

अब बात मध्यप्रदेश की ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा की..चुनावी समीकरण और समस्याओं से पहले एक नजर विधानसभा की प्रोफाइल पर…

कुल मतदाता-2 लाख 25 हजार 422

पुरुष मतदाता-1 लाख 27 हजार 585

महिला मतदाता-97 हजार 831

वर्तमान में विधानसभा सीट पर बीजेपी का कब्जा

भारत सिंह कुशवाह हैं बीजेपी विधायक

सियासत-

ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा के चुनावी समर में टक्कर बीजेपी और कांग्रेस में नहीं बल्कि मुकाबला त्रिकोणीय होता आया है..क्योंकि मैदान में बीएसपी भी होती है. अब एक बार फिर चुनावी रंग दिखाई देने लगे हैं विधानसभा में ।

2008 में बीएसपी तो 2013 में बीजेपी की जीत..कुछ इस तरह कि सियासी तस्वीर है ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा की..बीते चुनाव में बीजेपी और कांग्रेस के साथ बीएसपी भी मैदान में थी लेकिन इस बार बीएसपी अपनी जीत बरकारर ना रख सकी और बीजेपी के भारत सिंह कुशवाह ने जीत का परचम लहराया..अब 2018 की चुनावी समर में कूदने की तैयारी में जुट गए हैं सियासी दल..इन तैयारियों के साथ विधायक की टिकट के दावेदार भी सामने आने लगे हैं..बीजेपी की बात करें तो वर्तमान विधायक भारत सिंह कुशवाह एक मात्र दावेदार हैं..माना जा रहा है कि इस बार भी चुनावी मैदान में भारत सिंह कुशवाह ही होंगे..बात कांग्रेस की करें तो कल्याण सिंह कंसाना और रामसेवक सिंह गुर्जर प्रबल दावेदार हैं..वहीं पूर्व विधायक और बीएसपी छोड़ कांग्रेस का हाथ थामने वाले मदन सिंह कुशवाह और रामवरण सिंह गुर भी दावेदार हैं…बीएसपी से पूर्व विधायक लाखन सिंह बघेल एकलौते दावेदार माने जा रहे हैं ।

मुद्दे- 

ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा में एक दो नहीं बल्कि समस्याओं की लंबी फेहरिस्त है..विकास की बात तो छोड़िए बुनियादी सुविधाओं तक के इंतजार में हैं लोग

ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा में बिजली पानी और सड़क तक के लिए तरस रही है जनता..सड़कों की स्थिति खराब है..बारिश के दिनों में तो सड़कों पर चलना मुश्किल हो जाता है..पेयजल संकट भी एक बड़ी समस्या है..वहीं सिंचाई के अभाव में खेत भी प्यासे हैं..शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं भी बदहाल है..गांवों में स्कूल तो हैं लेकिन शिक्षकों की कमी है..स्वास्थ्य सुविधाएं भी बदहाल हैं..अस्पताल डॉक्टरों और संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं..बेरोजगारी भी एक बड़ी समस्या है..क्योंकि रोजगार के साधन हैं नहीं..स्वच्छता के मामले में भी बेहद पीछे है ये विधानसभा..हर जगह कचरे का अंबार नजर आता है..विधानसभा में किसान भी परेशान है..हालत ये कि सूखा राहत राशि भी अब तक किसानों मिल नहीं सकी है ।

 

वेब डेस्क, IBC24


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