जेसीसीजे विधायकों की एसईसीएल प्रबंधन से मांग, खदानों से निकले कोयले पर पहला हक स्थानीय उद्योगों का

जेसीसीजे विधायकों की एसईसीएल प्रबंधन से मांग, खदानों से निकले कोयले पर पहला हक स्थानीय उद्योगों का

जेसीसीजे विधायकों की एसईसीएल प्रबंधन से मांग, खदानों से निकले कोयले पर पहला हक स्थानीय उद्योगों का
Modified Date: November 29, 2022 / 07:55 pm IST
Published Date: March 11, 2019 12:36 pm IST

बिलासपुर। लोरमी विधायक धरमजीत सिंह और बलौदा बाजार विधायक प्रमोद शर्मा ने अपने समर्थकों के साथ सोमवार को बिलासपुर के एसईसीएल मुख्यालय में सीएमडी को एक ज्ञापन सौंपा है। जिसमें .विधायकों ने एसईसीएल प्रबंधन से मांग की है कि छत्तीसगढ़ के कोयला खदानों से उत्पादित कोयला को पहले स्थानीय उद्योगों को दिया जाए ताकि वो बिजली का ज्यादा उत्पादन कर सकें।
ये भी पढ़ें –दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों ने आंदोलन के दौरान खाया सल्फास

इस विषय में धरमजीत सिंह का कहना है कि कोयले की कमी के कारण स्थानीय बिजली प्लांट अपनी क्षमता के अनुसार उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं और इससे प्रदेश को 600 से 700 करोड़ रूपए का नुकसान हो रहा है। विधायकों ने अपनी बात रखते हुए एसईसीएल से कहा है कि यहां के कोयले पर पहला हक स्थानीय उद्योगों का है और इसके बाद ही कोयला बाहर भेजा जाए। जेसीसीजे के विधायकों ने अपनी मांग के साथ ही ये चेतावनी भी दी है कि मांगे पूरी ना होने पर वो एसईसीएल के खिलाफ स्थानीय उद्योगों के समर्थन में आंदोलन करने के लिए भी तैयार है।


लेखक के बारे में