झीरम कांड की सुनवाई, कांग्रेस के आवेदन पर आयोग ने फैसला रखा सुरक्षित
झीरम कांड की सुनवाई, कांग्रेस के आवेदन पर आयोग ने फैसला रखा सुरक्षित
बिलासपुर। झीरम कांड को लेकर विशेष न्यायिक जांच आयोग में शनिवार को सुनवाई हुई। इसमें कांग्रेस के आवेदन पर बहस हुई। आयोग ने सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया। पिछली सुनवाई में सीएम डॉ रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री आर पी एन सिंह, तत्कालीन केन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे, गृहमंत्री ननकीराम कंवर व अन्य को गवाही के लिए बुलाने कांग्रेस ने आयोग में आवेदन पेश किया था।
इस आवेदन पर राज्य शासन ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा था कि मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा यूनिफाइड कमांड को लेकर जवाब दिया जा चुका है। लिहाजा किसी और के गवाही की आवश्यकता नही है। सरकार के जवाब पर कांग्रेस ने आयोग के समक्ष तर्क प्रस्तुत करते हुए कहा कि आयोग के टर्म्स आफ रिफरेंस के मुताबिक इनके पास घटना से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध हैं। घटना के बाद 31 मई को तात्कालिन केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने छग का दौरा कर मीटिंग की थी। रिव्यू मीटिंग की जानकारी उनके पास उपलब्ध हैं। इसी तरह आरपीएन सिंह ने भी प्रदेश का दौरा कर राजभवन में बैठक अटेंड की थी। और राज्यसभा में इससे सम्बंधित प्रश्नों के उत्तर दिए थे। मुख्यमंत्री व गृहमंत्री यूनिफाइड कमांड के चेयरमेन थे। लिहाज़ा सुरक्षा की ज़िम्मेदारी उनकी भी थी।
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रिकार्ड में भी ये बातें सामने आई हैं कि घटना के पहले हर तीन महीने में होने वाली यूनिफाइड कमांड की मीटिंग भी 7 महीने से नही हुई थी। कांग्रेस का पक्ष सुनने के बाद आयोग ने आवेदन पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
गौरतलब है कि झीरम कांड में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सहित 27 लोगों की हत्या व 35 को नक्सलियों ने घायल कर दिया था। विशेष न्यायिक जांच आयोग का गठन कर जस्टिस प्रशांत मिश्रा की अध्यक्षता में मामले की सुनवाई की जा रही है।
वेब डेस्क, IBC24

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