मध्यान्ह भोजन में अंडा दिए जाने के विरोध में कबीरपंथियों का उग्र प्रदर्शन, रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे पर लगा जाम

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मध्यान्ह भोजन में अंडा दिए जाने के विरोध में कबीरपंथियों का उग्र प्रदर्शन, रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाइवे पर लगा जाम

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  • Publish Date - July 16, 2019 / 04:34 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:04 PM IST

भाटापारा: मध्यान्ह भोजन में अंडा दिए जाने का मामला अब उग्र रूप लेने लगा है। सरकार के इस फैसले के खिलाफ कंबीर पंथी के धर्म गुरु प्रकाश मुनि साहब सहित हजारों समर्थको सड़क पर उतर आए हैं। कबीर पंथियों ने दामाखेड़ा के पास रायपुर-बिलासपुर राष्ट्रीय राजमार्ग में चक्का जाम कर दिया है। बताया जा रहा है कि धर्म गुरु प्रकाश मुनि साहब अनशन पर बैठ गए हैं और उनके हजारों अनुयायी उनका समर्थन कर रहे हैं।

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गौरतलब है कि को कबीरपंथ व साहू समाज के लोगों ने सरकार के इस फैसले का विरोध जताते हुए वापस लेने की मांग की थी। वहीं, पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहेब कबीर आश्रम दामाखेड़ा सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग करते हुए अनशन की चेतावनी दी थी। बीते गुरुवार करीब सौ से अधिक की संख्या में कलक्टोरेट पहुंचे। यहां परिसर में ही वे धरने पर बैठकर कलक्टर से मिलने का आग्रह करते रहे। करीब आधी घंटे तक प्रदर्शन के बाद जिला प्रशासन ने पांच लोगों को मिलने बुलाया। उनकी बातों को सुना और ज्ञापन लेते हुए शासन तक बात पहुंचाने का आश्वासन दिया। ज्ञापन की प्रतिलिपि पूर्व मुख्यमंत्री व राजनांदगांव विधायक डॉ. रमन सिंह, सांसद संतोष पांडेय व जिला शिक्षा अध्किारी को भी प्रेषित किया गया है।

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हालांकि सरकार ने मंगलवार को प्रदेश के सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया है कि दो सप्ताह में शाला स्तर पर शाला विकास समिति और पालकों की बैठक आयोजित कर ऐसे छात्र-छात्राओं को चिन्हित किया जाए जो मध्यान्ह भोजन में अण्डा खाना नहीं चाहते हैं। मध्यान्ह भोजन तैयार करने के बाद अलग से अण्डे उबालने अथवा पकाने की व्यवस्था की जाए। अंडा नहीं खाने वाले बच्चों को मध्यान्ह भोजन के समय अलग पंक्ति में बैठाकर मध्यान्ह परोसा जाएं। पत्र में कहा गया है कि जिन शालाओं में अण्डा वितरण किया जाना हो, वहां शाकाहारी छात्र-छात्राओं के लिए अन्य प्रोटीनयुक्त खाद्य पदार्थ यथा सुगंधित सोया दूध, सुगंधित मिल्क, प्रोटीन क्रंच, फोर्टिफाइड बिस्किट, फोर्टिफाइड सोयाबड़ी, सोया मूंगफल्ली चिकी, सोया पापड़, फोर्टिफाइड दाल इत्यादि विकल्प की व्यवस्था की जाएं। पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि पालकों की बैठक में मध्यान्ह भोजन में अण्डा दिए जाने के लिए आम सहमति न हो, तो ऐसी शालाओं में मध्यान्ह भोजन के साथ अण्डा न देकर घर पर पहुंचाया जाए।

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