सैकड़ों की संख्या में गांव छोड़कर जंगल में बसने पहुंचे ग्रामीण, मूलभूत सुविधाएं नहीं होने का आरोप, जिला प्रशासन ने किया खारिज

सैकड़ों की संख्या में गांव छोड़कर जंगल में बसने पहुंचे ग्रामीण, मूलभूत सुविधाएं नहीं होने का आरोप, जिला प्रशासन ने किया खारिज

सैकड़ों की संख्या में गांव छोड़कर जंगल में बसने पहुंचे ग्रामीण, मूलभूत सुविधाएं नहीं होने का आरोप, जिला प्रशासन ने किया खारिज
Modified Date: November 29, 2022 / 08:42 pm IST
Published Date: January 11, 2021 1:39 pm IST

कवर्धा। कबीरधाम जिले के वनांचल नक्सल प्रभावित गांव तरेगांव, लरबक्ककी, शीतलपानी, कोटनापानी सहित मध्यप्रदेश के गांवों से बडी संख्या में ग्रामीण पलायन कर मुंगेली जिला के ग्राम सरगडी के जंगल में जाकर बसना शुरू कर दिये थे। इनमें बडी संख्या में महिलाएं व बच्चे भी शामिल थे। मामले की जानकारी मुंगेली जिला प्रशासन को लगने पर ग्रामीणों को कवर्धा जिला भेजा गया। वहीं कवर्धा जिला प्रशासन को इस मामले की जानकारी भी लेट से लगी।

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एक ओर जहां पलायन करने वाले ग्रामीणों का आरोप है कि जिले के वनांचल में मूलभुत सुविधाएं नहीं होने के कारण मुंगेली जिला में बसने पहुंचे हैं, वहीं दूसरी ओर कवर्धा जिला प्रशासन ग्रामीणों के आरोपों को निराधार बता रहा है। कलेक्टर रमेश शर्मा की माने तो ग्रामीण बडी संख्या में वहां क्यों गए, यह जांच का विषय है क्योंकि पलायन करने वाले ज्यादातर ग्रामीण ग्राम लरबक्की के रहने वाले हैं जो वर्षों से पीढ़ी दर पीढ़ी यहां रहते आ रहे हैं। वहां सभी प्रकार की सुविधाएं है। वहीं ग्रामीण वापस आते हैं तो अच्छा होगा। क्योंकि ज्यादातर लोगों को जिले में ही वन अधिकार पट्टा भी मिला हुआ है साथ ही आधार कार्ड, राशन कार्ड भी जारी हो चुका है।

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वहीं वन विभाग के डीएफओ ने बताया कि बडी संख्या में ग्रामीणों के गांव छोडकर जाने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। ग्रामीणों से बात जारी है। कई ग्रामीण समझाइश के बाद वापस आ भी रहे हैं।


लेखक के बारे में

डॉ.अनिल शुक्ला, 2019 से CG-MP के प्रतिष्ठित न्यूज चैनल IBC24 के डिजिटल ​डिपार्टमेंट में Senior Associate Producer हैं। 2024 में महात्मा गांधी ग्रामोदय विश्वविद्यालय से Journalism and Mass Communication विषय में Ph.D अवॉर्ड हो चुके हैं। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से M.Phil और कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर से M.sc (EM) में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। जहां प्रावीण्य सूची में प्रथम आने के लिए तिब्बती धर्मगुरू दलाई लामा के हाथों गोल्ड मेडल प्राप्त किया। इन्होंने गुरूघासीदास विश्वविद्यालय बिलासपुर से हिंदी साहित्य में एम.ए किया। इनके अलावा PGDJMC और PGDRD एक वर्षीय डिप्लोमा कोर्स भी किया। डॉ.अनिल शुक्ला ने मीडिया एवं जनसंचार से संबंधित दर्जन भर से अधिक कार्यशाला, सेमीनार, मीडिया संगो​ष्ठी में सहभागिता की। इनके तमाम प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में लेख और शोध पत्र प्रकाशित हैं। डॉ.अनिल शुक्ला को रिपोर्टर, एंकर और कंटेट राइटर के बतौर मीडिया के क्षेत्र में काम करने का 15 वर्ष से अधिक का अनुभव है। इस पर मेल आईडी पर संपर्क करें anilshuklamedia@gmail.com