तेंदूपत्ता संग्राहकों को बांटे गए जूते-चप्पलों से ‘कैंसर’ का खतरा, जूते में मिला एजेडओ रसायन

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तेंदूपत्ता संग्राहकों को बांटे गए जूते-चप्पलों से 'कैंसर' का खतरा, जूते में मिला एजेडओ रसायन

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  • Publish Date - August 28, 2018 / 04:27 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:00 PM IST

बैतूल। तेंदूपत्ता संग्राहकों को बांटे गए जूते-चप्पलों में खतरनाक रसायन एजेडओ होने के खुलासे के बाद आदिवासी संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बैतूल जिले के आदिवासी संगठन के पदाधिकारी ने सरकार पर षड़यंत्र कर आदिवासियों की जनसंख्या कम करने का आरोप लगाया है।

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साथ ही एक मुहिम चलाई है। जिसमें आदिवासियों से सरकार के दिए जूते-चप्पल नहीं पहनने की अपील की जा रही है। आदिवासी संगठनों ने भी निर्णय लिया है। कि वो सरकार के दिए जूते चप्पल इकट्ठा कर सरकार को वापस करेंगे।

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 बैतूल में 18 जून को लाखों रुपये खर्च कर सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने तेंदूपत्ता संग्राहकों को जूते पहनाए, ऐसे कार्यक्रम राज्य के कई ज़िलों में हुए जिसकी शुरुआत 20 मई को शिवपुरी के पोहरी से हुई थी। ऐसे हर कार्यक्रम में तेंदुपत्ता बीनने वालों को जूते-चप्पल, पानी की बॉटल और साड़ी बांटी गईं। अब तक 8 लाख 13000 जूते बांट दिए गए। लेकिन 27 जून यानी महीने भर बाद चेन्नई के केन्द्रीय चर्म अनुसंधान संस्थान की रिपोर्ट आई तो उसने जिला और बिंदिया जैसे लोगों को डरा दिया। ये रिपोर्ट बताती है कि इन जूतों में एजेडओ पाया गया है।

 

वेब डेस्क, IBC24