समय खत्म होने से पहले मप्र सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले का आवंटन किया निरस्त

समय खत्म होने से पहले मप्र सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले का आवंटन किया निरस्त

समय खत्म होने से पहले मप्र सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्रियों के बंगले का आवंटन किया निरस्त
Modified Date: November 29, 2022 / 09:00 pm IST
Published Date: July 19, 2018 8:47 am IST

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के 4 पूर्व मुख्यमंत्रियों कैलाश जोशी, दिग्विजय सिंह, उमा भारती और बाबूलाल गौर को बंगले का आवंटन निरस्त कर दिया हैइस निरस्तीकरण के बाद अब भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पास ये विशेषाधिकर है कि वे चाहें तो इन सभी को नए सिरे से बंगला आवंटित कर सकते हैं। हालांकि ये सभी पूर्व मुख्मंत्री भी चाहें तो इसके लिए मुख्यमंत्री को आवेदन कर सकते हैं।

मप्र सरकार ने 19 जून को हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए यह कदम उठाया है। अदालत ने अपने निर्देश में एक माह के भीतर सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों से उन्हें आवंटित बंगला खाली करवाने कहा था। एक माह की ये तय समय सीमा गुरुवार को पूरी हो रही थी, उसके एक दिन पहले ही इन बंगलों का आवंटन प्रदेश के गृह विभाग ने निरस्त कर दिया।

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हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उमा भारती पहले ही कह चुके थे कि वे बंगला खाली कर देंगे। दिग्विजय सिंह वर्तमान में राज्यसभा सांसद हैं जबकि उमा यूपी से सांसद चुनी जाकर केंद्र में मंत्री हैं। जबकि पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर अब सिर्फ विधायक हैं। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी के पुत्र दीपक जोशी शिवराज सरकार में राज्यमंत्री हैं, इस नाते उन्हें एक बंगला आवंटित है। माना जा रहा है कि पिता कैलाश जोशी का बंगला खाली होने पर उसे दीपक अपने नाम से आवंटित करवा सकते है। इससे उन्हें स्वयं को आवंटित बंगला खाली करना होगा।

वेब डेस्क, IBC24


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