मुंबई पुलिस के पास अर्नब गोस्वामी के विरुद्ध ठोस साक्ष्य हैं ऐसा प्रतीत नहीं होता: अदालत

मुंबई पुलिस के पास अर्नब गोस्वामी के विरुद्ध ठोस साक्ष्य हैं ऐसा प्रतीत नहीं होता: अदालत

मुंबई पुलिस के पास अर्नब गोस्वामी के विरुद्ध ठोस साक्ष्य हैं ऐसा प्रतीत नहीं होता: अदालत
Modified Date: November 29, 2022 / 08:25 pm IST
Published Date: March 18, 2021 6:52 pm IST

मुंबई, 18 मार्च (भाषा) बंबई उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि तीन महीने चली जांच के बावजूद मुंबई पुलिस के पास ‘‘रिकॉर्ड पर’’ ऐसे साक्ष्य नहीं हैं जिनसे रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी और एआरजी आउटलायर मीडिया को टीआरपी घोटाला मामले में आरोपी बनाया सके।

न्यायमूर्ति एस एस शिंदे और न्यायमूर्ति मनीष पिताले ने महाराष्ट्र सरकार से यह भी पूछा कि जांच कब खत्म होगी।

अदालत ने कहा कि सरकार को तर्कसंगत बात करनी चाहिए और यदि पुलिस को गोस्वामी तथा अन्य के विरुद्ध कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिलता है तो इसे स्वीकार करना चाहिए तथा इस संबंध में बयान जारी करना चाहिए।

भाषा यश नेत्रपाल

नेत्रपाल


लेखक के बारे में