खुदरा व्यापारियों और आढ़तियों के लिए घातक हैं नये कृषि कानून : चौधरी

खुदरा व्यापारियों और आढ़तियों के लिए घातक हैं नये कृषि कानून : चौधरी

खुदरा व्यापारियों और आढ़तियों के लिए घातक हैं नये कृषि कानून : चौधरी
Modified Date: November 29, 2022 / 08:29 pm IST
Published Date: October 28, 2020 11:24 am IST

लखनऊ, 28 अक्टूबर (भाषा) समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता रामगोविंद चौधरी ने केंद्र के तीन नये कृषि कानूनों को किसानों, खुदरा व्यापारियों और आढ़तियों के लिए घातक करार दिया है।

चौधरी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि यह विभिन्न उद्योगों में लगे लोगों को व्यापारी का दर्जा देकर उन्हें आयकर के दायरे में लाने की साजिश है।

उन्होंने कहा कि कृषक उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) विधेयक-2020 के अध्याय-एक में दिए गए प्रावधानों के मुताबिक कृषि उपज को खरीदने वाले व्यक्ति को व्यापारी कहा गया है। कृषि उपज में अनाज के अलावा कुक्कुट, मछली, बकरी, सूअर और डेयरी उत्पाद तथा पशु चारा आदि को भी शामिल किया गया है।

उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधानों के मुताबिक गांव के बाजारों में छोटे किसानों से उनकी उपज खरीदने वाले खुदरा व्यापारी को भी अब आयकर देना होगा। इसके अलावा दूध बेचने वाले और पशु चारे की खरीद-फरोख्त करने वाले लोगों को भी आयकर देना होगा। इससे कृषि उपज से जुड़े छोटे-छोटे व्यापारी खत्म हो जाएंगे और छोटे या सीमांत किसान कॉरपोरेट के मोहताज हो जाएंगे।

चौधरी ने कहा कि मूल्य करार विधेयक-2020 में गुणवत्ता और मानक आधारित उपज की कीमत तय करने की शर्त शामिल है। उन्होंने दावा किया कि इससे छोटे किसानों का शोषण होगा।

भाषा सलीम

सुभाष

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