मप्र कांग्रेस के सामने नई चुनौती, मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन ने मांगी लोकसभा चुनाव में मांगी 5 से 6 सीटें

मप्र कांग्रेस के सामने नई चुनौती, मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन ने मांगी लोकसभा चुनाव में मांगी 5 से 6 सीटें

मप्र कांग्रेस के सामने नई चुनौती, मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन ने मांगी लोकसभा चुनाव में मांगी 5 से 6 सीटें
Modified Date: November 29, 2022 / 08:31 pm IST
Published Date: January 29, 2019 11:26 am IST

जबलपुर। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों का परफॉर्मेंस, लोकसभा चुनावों में दोहराने की कोशिश में लगी कांग्रेस के सामने एक नई चुनौती आ गई है। मुस्लिम वेलफेयर एसोसिएशन ऑफ इण्डिया ने कांग्रेस पार्टी से मांग की है कि प्रदेश की 29 लोकसभा सीटों में से 5 से 6 सीटें मुस्लिम समाज से आने वाले उम्मीदवारों को दी जाएं। मुस्लिम वैलफेयर एसोसिएशन ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को अपनी इस मांग का पत्र भी भेजा है।

इस पत्र में मांग की गई है कि प्रदेश की मुस्लिम बहुल सीटों में से भोपाल, होशंगाबाद, सागर-बीना, खण्डवा-बुरहानपुर, इंदौर , सिवनी और जबलपुर की लोकसभा सीटों पर मुस्लिम प्रत्याशियों को मौका दिया जाए। इसी मांग के साथ एसोसिएशन के पदाधिकारी आज जबलपुर में मीडिया से मुखातिब हुए एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गुलाम रसूल अंसारी ने कांग्रेस पर मुस्लिमों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।

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अंसारी ने कहा कि मध्यप्रदेश,छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की जीत की बड़ी वजह उसे मिले मुस्लिम वोट हैं। प्रदेश अध्यक्ष अंसारी ने कहा कि अब वक्त बदल गया है और प्रदेश का एक करोड़ मुसलमान अपनी बेहतरी के लिए अपने बीच के लोगों को सांसद बनवाना चाहता है। अंसारी ने कांग्रेस को चेतावनी भी दी है कि अगर मुस्लिम उम्मीदवारों को प्रदेश में 5 से 6 लोकसभा सीटों पर टिकट नहीं दी जाती है तो समाज कांग्रेस का साथ छोड़ने का विचार कर सकता है।


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