वनांचल में सिंचाई सुविधा के लिए नदियों के किनारे विद्युत लाइन बिछाने की कार्ययोजना बनाएं : बघेल

वनांचल में सिंचाई सुविधा के लिए नदियों के किनारे विद्युत लाइन बिछाने की कार्ययोजना बनाएं : बघेल

वनांचल में सिंचाई सुविधा के लिए नदियों के किनारे विद्युत लाइन बिछाने की कार्ययोजना बनाएं : बघेल
Modified Date: November 29, 2022 / 08:06 pm IST
Published Date: June 30, 2021 9:11 am IST

रायपुर, 30 जून (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने वनांचल में सिंचाई सुविधा के वास्ते नदियों के किनारे विद्युत लाइन बिछाने के लिए कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया है।

राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने बुधवार को यहां बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि वनांचल में नदियों के किनारे विद्युत लाइन बिछाकर किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जल्द ही कार्ययोजना तैयार की जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य के जिलों विशेषकर बस्तर, सरगुजा अंचल सहित कोरबा जिले में नदियों के किनारे विद्युत लाइन के विस्तार के काम में डीएमएफ निधि का उपयोग किया जाए। इससे किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी और साथ ही उनके जीवन स्तर में सुधार लाया जा सकेगा।

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अधिकारियों ने बताया कि बघेल मंगलवार को ऊर्जा विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नदियों के पानी का उपयोग करने से भूजल का दोहन रुकेगा तथा सतही जल के उपयोग से बिजली की खपत कम होगी। उन्होंने कहा कि बस्तर अंचल में इन्द्रावती नदी, सुकमा में शबरी नदी, कोरबा में हसदेव नदी और दंतेवाड़ा में नदी किनारे विद्युत लाइन बिछाने का कार्य प्राथमिकता से किया जाए। इसके लिए जिलाधीशों से सम्पर्क कर जल्द कार्य योजना तैयार की जाए।

अधिकारियों ने बताया कि बघेल ने वनांचल क्षेत्रों में जहां विद्युत सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सौर सुजला योजना में सौर पम्प उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने किसानों के सिंचाई पंपों के ऊर्जीकरण का कार्य तेजी से करने का निर्देश दिया है।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य में बजट सत्र 2021 के दौरान किसानों के 35 हजार 161 सिंचाई पंपों के ऊर्जीकरण की घोषणा की गई है। इसमें से 11 हजार 661 सिंचाई पंपों को बिजली मुहैया करायी गयी है और 23 हजार 500 सिंचाई पंपों को बिजली उपलब्ध कराने का काम चल रहा है। यह कार्य नवंबर के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

भाषा संजीव मनीषा गोला

गोला


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