रमन सरकार ने वापस लिया भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक

रमन सरकार ने वापस लिया भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक

रमन सरकार ने वापस लिया  भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक
Modified Date: November 29, 2022 / 07:58 pm IST
Published Date: January 11, 2018 12:55 pm IST

छत्तीसगढ़ में  बड़े हंगामे के बाद आज सरकार ने  भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक को वापस लेने का फैसला किया है. ये फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया गया है.आपको बता दें कि  कैबिनेट की बैठक से पहले सर्व आदिवासी समाज ने मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह से मुलाकात कर इसे वापस लेने की मांग की थी, जिसे सरकार ने मान लिया है. सीएम से मिलने के लिए राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष जे आर राणा भी साथ गए थे. सिद्धनाथ पैकरा ने भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक पर कहा कि बिल पर पुनर्विचार करने की मांग की है. ‎विपक्ष इस बिल को लेकर भ्रम की स्थिति फैला रहा है.

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सरकार ने ये कदम आदिवासी समाज के बढ़ते विरोध के मद्देनज़र उठाया है क्योकि इस बार सरकार घिरती नज़र आ रही थी और चुनावी साल में सरकार पर ये फैसला भारी पड़ सकता था. माना जा रहा है कि इसलिए सरकार ने अपने कदम वापस खींच लिए.  बीजेपी अनुसूचित जनजाति मोर्चा के पदाधिकारियों ने भी सरकार के सामने ये आशंका जताई थी कि संशोधन विधेयक अगर वापस नहीं लिया गया, तो आदिवासी इलाके में बीजेपी के लिए जीतना मुश्किल हो जाएगा.

 

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ये ध्यान देना जरुरी है  कि इस बार छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार ने छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक पारित किया था. विधानसभा में इसे लेकर मत विभाजन भी हुआ था. कांग्रेस ने संशोधन विधेयक के खिलाफ वोटिंग की थी, लेकिन सरकार ने संख्याबल के आधार पर इसे पारित करा लिया था. इसके बाद से कांग्रेस ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया था. वहीं सर्व आदिवासी समाज भी इसके खिलाफ था, जिसके बाद सरकार को लगातार इस विधेयक को लेकर सफाई देनी पड़ रही थी.


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