आईएमए की हाईकोर्ट में याचिका, अल्टरनेटिव चिकित्सकों के एलोपैथिक दवा लिखने पर एतराज

आईएमए की हाईकोर्ट में याचिका, अल्टरनेटिव चिकित्सकों के एलोपैथिक दवा लिखने पर एतराज

आईएमए की हाईकोर्ट में याचिका, अल्टरनेटिव चिकित्सकों के एलोपैथिक दवा लिखने पर एतराज
Modified Date: November 29, 2022 / 08:34 pm IST
Published Date: January 10, 2019 4:46 am IST

बिलासपुर। चीफ जस्टिस अजय त्रिपाठी की डिविजनल बेंच ने राज्य शासन को नोटिस जारी कर त्रिवर्षीय अल्टरनेटिव चिकित्सकों की प्रैक्टिस की नीति को लेकर चार सप्ताह में जवाब मांगा है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने एक जनहित याचिका दायर कर शिकायत की है कि अल्टरनेटिव चिकित्सक MBBS चिकित्सकों की तरह एलोपैथी दवाइयां लिख रहे हैं जो नियम विरूद्ध है और IMA ने इस पर रोक लगाने की मांग की है।

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याचिका में कहा गया है कि एलोपैथी दवाइयां लिखने का अधिकार सिर्फ MBBS डाक्टरों को है। सरकारी वकील के जवाब के बाद डिवीजन बेंच ने चार सप्ताह की मोहलत देते हुए शासन से गाइड लाइन की मांग की है। राज्य निर्माण के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा को बढ़ावा देने के लिए त्रिवर्षीय चिकित्सा पाठ्यक्रम की शुरूआत की थी। त्रिवर्षीय अल्टरनेटिव प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों को बाद में शासकीय सेवा में ले लिया गया था। इस मामले में IMA ने कहा है कि अल्टरनेटिव चिकित्सक शासन के निर्देशों और गाइड लाइन का उल्लंघन कर रहे हैं।


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