मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन, जानिए क्या रहा खास
मध्यप्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन, जानिए क्या रहा खास
भोपाल गैंगरेप सहित प्रदेश के अन्य स्थानों पर महिलाओं के खिलाफ हो रही लगातार घटनाओं के मामले उठाते हुए विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला है। शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन आज विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों के साथ प्रश्नकाल में बीजेपी विधायकों ने भी सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर रखी है एक और जंहा विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर एक बार फिर अपनी ही सरकार के लिए कुपोषण के मुद्दे पर परेशानी लेकर आए वहीं बीजेपी विधायक सत्यपाल सिंह, पारुल साहू, मुरलीधर पाटीदार, कैलाश चावला, और ओम प्रकाश सखलेचा ने किसानो के मुद्दे पर अपनी ही सरकार के खिलाफ सवालों की झड़ी लगा दी।
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मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन आज हंगामे दार रहा। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने विपक्ष के तेवर साफ कर दिए। भोपाल गैंगरेप सहित प्रदेश के अन्य स्थानों पर महिलाओं के खिलाफ हो रही लगातार घटनाओं के मामले उठाते हुए विपक्ष ने प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला। कांग्रेस इस मामले में स्थगन प्रस्ताव लाकर सरकार से चर्चा की मांग करती रही। हालांकि आज स्थगन पर विधानसभा अध्यक्ष ने कोई निर्णय नहीं लिया जिसके बाद कांग्रेस ने महिला अपराध को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
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इससे पहले ध्यानकर्षण में बीजेपी विधायक यशपाल सिंह सिसोदिया ने चिटफंड का मामला उठाया वहीं प्रश्नकाल में बीजेपी विधायक सत्यपाल सिंह , पारुल साहू, मुरलीधर पाटीदार, कैलाश चावला, और ओम प्रकाश सखलेचा ने किसानों के मुद्दे पर अपनी ही सरकार के खिलाफ सवालों की झड़ी लगा दी। बीजेपी विधायक दरअसल सत्यपाल सिंह ने अपनी ही सरकार की मंशा को कठघरे में खड़ा करते हुए प्रश्नकाल में सवाल उठया की ट्रांसफार्मर में गड़बड़ी सुधारने का चार्ज किसानों से न लिया जाय प्रश्नकाल के दौरान विधायक मुरलीधर पाटीदार ने ग्राम गुदरान की आदिवासी बस्ती विकास योजना के तहत विकास नहीं होने की बात कही।

मुरलीधार पाटीदार ने मंत्री विजयशाह पर इस मामले में जानकारी न होने के आरोप तक लगा दिए। बिजली विभाग को लेकर ही बीजेपी विधायक कैलाश चावला, और ओम प्रकाश सखलेचा ने भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाये। विपक्ष के साथ पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर के तेवर भी अपनी सरकार को लेकर बगावती दखे गौर ने कुपोषण को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
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विधानसभा की आज की कार्यवाही को देखकर लगता है की आने वाले दिनों में सत्र में हंगामा काफी बरपेगा। विपक्ष के आक्रमक तेवर और अपनों की नारजगी ने शीतकालीन सत्र को गरमा दिया है। सरकार के समाने इस सत्र में जहां अपने विधायकों की नारजगी को दरकिनार करने की चुनौती है तो विपक्ष हमले से बचने की परेशानी भी। चुनावी साल मे शीतकालीन सत्र में जिस तरीके से सदन की कार्यवाही चल रही है उससे देखते हुए लगता है की आने वाले दिनों में सरकार की मुश्किलें इस सत्र में और बढ़ सकती है।
वेब डेस्क, IBC24

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