छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 10 माइंस प्रोटेक्ट वाहन उड़ा चुके हैं नक्सली

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 10 माइंस प्रोटेक्ट वाहन उड़ा चुके हैं नक्सली

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद 10 माइंस प्रोटेक्ट वाहन उड़ा चुके हैं नक्सली
Modified Date: November 29, 2022 / 08:31 pm IST
Published Date: March 19, 2018 4:37 am IST

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से लेकर अबतक नक्सलियों ने 10 MPV यानि माइंस प्रोटेक्टेट व्हीकल उड़ाया है। इसमें सबसे ज्यादा 31 CRPF के जवानों की मौत हुई है और 16 जवान घायल हुए हैं। इसके अलावा जिला पुलिस के 3, छत्तीसगढ़ सुरक्षा बल के 4 और नौ SPO की मौत हुई है। बस्तर में जगह-जगह नक्सलियों के लगाए गए लैंड माइंस पुलिस और फोर्स के लिए शुरू से ही चुनौती रहे हैं ।

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पुलिस अफसर भी मानते हैं, कि जमीन में 4 से 5 फीट अंदर लगे लैंड माइंस को ट्रेस करना कठिन होता है। पहले नक्सली स्टील या लोहे के ड्रम या डिब्बे में लैंड माइंस लगाते थे, जो मेटल डिटेक्टर मशीन से ट्रेस हो जाता था लेकिन अब वे प्लास्टिक के ड्रम में विस्फोक भर कर जमीन में गाड़ रहे हैं, जिसे ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है । केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार इसका तोड़ निकालने में लगी हुईं हैं ।

 

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वहीं छत्तीसगढ़ पुलिस और CRPF भी लैंड माइंस डिटेक्ट करने की नई तकनीक पर काम कर रहे हैं । इधर CRPF ने किस्टाराम की घटना के बाद अपने सभी कैंपों में एंटी लैंड माइंस व्हीकल के उपयोग पर रोक लगा दी है। बता दें, कि CRPF की प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है, कि पालोड़ी स्थित 212वीं बटालियन में MPV का इस्तेमाल लापरवाही से किया जा रहा था। बटालियन के डिप्टी कमांडर ने CRPF के आईजी और छत्तीसगढ़ पुलिस के निर्देशों की अनदेखी की थी ।

 

 

वेब डेस्क, IBC24


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