बढ़ सकती है जनसंपर्क मंत्री डाॅ नरोत्तम मिश्रा की मुसीबतें

बढ़ सकती है जनसंपर्क मंत्री डाॅ नरोत्तम मिश्रा की मुसीबतें

बढ़ सकती है जनसंपर्क मंत्री डाॅ नरोत्तम मिश्रा की मुसीबतें
Modified Date: November 29, 2022 / 08:22 pm IST
Published Date: June 27, 2017 1:22 pm IST

 

मध्यप्रदेश के जनसंपर्क मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा की मुसीबत कम नहीं हुई है। पेड न्यूज मामले में निर्वाचन आयोग ने उनका चुनाव रद्द कर आगे तीन वर्ष तक चुनाव न लड़ने का फैसला सुनाया था। इस फैसले के बाद से ही डॉ मिश्रा इसको लेकर अपनी असहमति जता चुके है। दो दिन कोर्ट बंद था। डॉ मिश्रा दो दिनों से लगातार कानूनविदों से राय ले रहे थे। आज कोर्ट खुलते ही मप्र हाईकोर्ट की ग्वालियर खण्डपीठ में उनकी ओर से अभिभाषक एमपीएस रघुवंशी ने निर्वाचन आयोग के फैसले के खिलाफ याचिका दाखिल की। जिसमें उन्होनें चुनाव आयोग के फैसले को गलत बताते हुए हाईकोर्टड में उस रद्द करने की चुनौती दी है। 

वही इस मामले में मिश्रा के प्रतिद्वंद्वी और आयोग में याचिकाकर्ता राजेंद्र भारती ने अभी पीछा नहीं छोड़ा है। वे भी सबेरे ही हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ पहुँच गये। उन्होंने अपने अभिभाषक प्रतीप विसोरिया के जरिये कोर्ट में केवियट दायर की जिसमें कोर्ट से निवेदन किया गया है कि डॉ मिश्रा द्वारा दायर रिट पर कोई भी निर्णय लेने के पहले उनकी बात भी सुनी जाए। इन याचिकाओं पर सुनवाई कब होगी ,यह तय नहीं हुआ है। आपको बता दें कि मध्य प्रदेश के सबसे ताकतवर और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के करीबी मंत्री नरोत्तम मिश्रा को चुनाव आयोग ने तीन साल तक के लिए आयोग घोषित कर दिया था। नरोत्तम मिश्रा पर आरोप था कि साल 2008 के विधानसभा चुनाव में पेड़ न्यूज सहित चुनाव खर्च की गलत जानकारी दी थी।


लेखक के बारे में