लखनऊ में पकड़े गए दो संदिग्ध आतंकियों को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया

लखनऊ में पकड़े गए दो संदिग्ध आतंकियों को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया

लखनऊ में पकड़े गए दो संदिग्ध आतंकियों को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:36 pm IST
Published Date: July 12, 2021 1:41 pm IST

लखनऊ, 12 जुलाई (भाषा) उत्तर प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) द्वारा रविवार को लखनऊ में पकड़े गये अलकायदा समर्थित ‘अंसार ग़ज़वतुल हिंद’ से जुड़े दो संदिग्ध आतंकवादियों को अदालत ने सोमवार को 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया।

अपर पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) प्रशांत कुमार के अनुसार एटीएस ने अलकायदा समर्थित ‘अंसार ग़ज़वतुल हिंद’ से जुड़े लखनऊ के दुबग्गा निवासी मिनहाज अहमद तथा मड़ियांव के रहने वाले मसीरुद्दीन को रविवार को गिरफ्तार कर मिनहाज के घर से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री तथा एक पिस्टल बरामद की थी। मसीरुद्दीन के पास से भी भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों को आज अदालत के समक्ष पेश किया गया और 14 दिन की पुलिस हिरासत के लिए आवेदन किया गया जिस पर अदालत ने 14 दिन की पुलिस हिरासत स्वीकृत की। उन्होंने बताया कि पुलिस हिरासत की अवधि मंगलवार से शुरू होगी और इस अवधि में एटीएस के दल बनाकर इनके अन्य सहयोगियों और साथियों के बारे में विस्तृत पूछताछ की जाएगी।

इसके अलावा धर्मांतरण प्रकरण में 30 जून को गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ़्तार सलाहुद्दीन जैनुद्दीन शेख की पुलिस हिरासत भी अदालत ने दो दिन और बढ़ा दी है। जैनुद्दीन को दो जुलाई को एटीएस अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया था जहां से अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था। इसके बाद एटीएस की अपील पर अदालत ने छह जुलाई से सात दिन के लिए उसकी पुलिस हिरासत में सौंप दिया था। इसी बीच एटीएस के अनुरोध पर अदालत ने 13 जुलाई से दो दिन और पुलिस हिरासत की अवधि बढ़ा दी है।

साइबर सिम धोखाधड़ी के आरोपी जुन्‍वेई हान की पुलिस हिरासत की अवधि दो दिन बढ़ाकर 15 जुलाई तक कर दी है। एटीएस के अनुसार जुन्वेई हान साइबर और सिम की धोखाधड़ी के मामले में एटीएस थाना लखनऊ में मुख्य आरोपी है और लखनऊ अदालत के वारंट-बी के अनुपालन में जुन्वेई हान को पश्चिम बंगाल से लाकर लखनऊ की एटीएस अदालत में पिछले दिनों प्रस्तुत किया गया था जिसे अदालत ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया था।

भाषा आनन्द शफीक प्रशांत

प्रशांत


लेखक के बारे में